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अंशपूंजी जमा करने पहुंचे कांग्रेसी, कोई नहीं मिला तो भड़के
आईपीसीबैंक चुनाव के लिए कांग्रेस के दावेदार बुधवार को नामांकन नहीं भर सके। बताया जा रहा है उन्हें जिला सहकारी संघ से अनापत्ति नहीं मिली। मतदाता और दावेदारों को संघ में अंशपूंजी जमा करना होती है। अंशपूंजी जमा नहीं होने पर उन्हें डिफाल्टर घोषित कर दिया जाता जिसके चलते वे नामांकन दाखिल नहीं कर सकते। बुधवार को संघ कार्यालय पर सदस्य अंश जमा करने चेक लेकर पहुंचे तो काउंटर पर कोई नहीं मिला। इस पर सदस्य नाराज हो गए और शिकायत करने दोपहर ढाई बजे सीधे सहकारिता उपायुक्त कार्यालय पहुंच गए। उनके साथ सांवेर के पूर्व विधायक तुलसीराम सिलावट, महू के पूर्व विधायक अंतरसिंह दरबार अन्य नेता भी थे। इनकी उपायुक्त जगदीश कनोज से जमकर बहस हुई। काफी बहस के बाद बकायादारों की अंश राशि जमा कराई गई।
बदनावर विधायक भंवरसिंह शेखावत ने ही पहले दिन आवेदन जमा किया। उन्होंने वर्ग से दो फॉर्म भरे हैं। गुरुवार को नामांकन की अंतिम तारीख है। कुल 15 संचालकों के लिए 24 सितंबर को चुनाव होना हैं।
भंवरसिंह शेखावत ने भरा फॉर्म
}दरबार- केलोद,चोरल अन्य संस्थाओं का अंश जमा करने के लिए वहां के सचिव फोन नहीं उठा रहे। उन पर दबाव है क्या?
}उपायुक्त-वहांकी संस्था ने कभी शिकायत ही नहीं की। उनके भी अंश अभी जमा करवा देते हैं।
}सिलावट- सत्ताआती-जाती रहती है। इस तरह समर्थन करना गलत है।
}उपायुक्त-आपफिर गलत बोल रहे हैं। आप बताइए कितने सदस्यों का अंश जमा होना है, मैं अभी जमा करवा देता हूं।
}उपायुक्त- ऐसाबिलकुल नहीं है। हमने तीन महीने पहले ही नोटिस जारी कर दिया था। हम अपना काम कर रहे हैं, किसी पार्टी के दबाव में नहीं कर रहे। रोज काउंटर पर सदस्य पैसा जमा करवा रहे हैं।
}दोनों पूर्व विधायक- देखिएकनोज साहब, कांग्रेस के दबदबे वाली वोटर संस्थाओं को जानबूझकर डिफाल्टर घोषित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें अंश जमा करने के लिए समय पर नोटिस जारी नहीं किए। अब जब अंश जमा करने सदस्य रहे हैं तो उनके चेक नहीं लिए जा रहे।
कुछ इस तरह हुई उपायुक्त-नेताओं में तकरार