इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में 12 से 16 फरवरी तक होने वाले नेशनल यूथ फेस्टिवल में एबीवीपी समर्थक छात्रों को वॉलंटियर बनाए जाने के दबाव के आगे प्रबंधन को झुकना पड़ा। प्रबंधन पहले दिन निकलने वाली रैली और ऑडिटोरियम के बाहर स्टेज पर होने वाली प्रतिस्पर्धाओं का जिम्मा एबीवीपी समर्थक छात्रों को सौंपने को राजी हो गया।
सोमवार सुबह इसी बात को लेकर दबाव बनाने पहुंचे एबीवीपी पदाधिकारियों ने छात्र कल्याण संकाय के वर्तमान औैर पूर्व डीन से जमकर बहस की थी। पदाधिकारियों ने पसंद के नामों की सूची भी सौंपी थी। हालांकि सुबह प्रबंधन ने साफ मना कर दिया था कि वह किसी भी छात्र को वॉलंटियर बनाएगा ही नहीं। लेकिन शाम को फिर हुई बैठक में प्रबंधन को झुकना पड़ा।
दरअसल कई छात्र यहां महीनेभर से वॉलंटियर के तौर पर काम कर रहे थे। इसी बात पर एबीवीपी को आपत्ति थी कि कुछ ही छात्रों को क्यों शामिल किया गया है। जबकि प्रबंधन का कहना था कि जिस छात्र ने इच्छा जताई उसे क्षमता के अनुसार जवाबदारी सौंपी थी।
70 यूनिवर्सिटी, 950 प्रतिभागी और सादी वर्दी में 10 जवान
यूनिवर्सिटी का यह आयोजन चार दिन चलेगा। देशभर की 70 यूनिवर्सिटी के 950 विद्यार्थी शामिल होंगे। 25 विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी। आयोजन स्थल पर एक एंबुलेंस, एक फायर ब्रिगेड वाहन और 10 पुलिस जवान सादी वर्दी में पूरे समय मौजूद रहेंगे।
समारोह के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय होंगे। समापन अवसर पर लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन और स्कूल व उच्च शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी बतौर अतिथि शामिल होंगे।
ऐसे होगा भव्य आयोजन
> ऑडिटोरियम को आकर्षक लाइटिंग के साथ सजाया जा रहा है।
> सभी स्पर्धाएं मुख्य ऑडिटोरियम और उसके बाहर अलग से बने स्टेज पर ही होंगी।
> सभी छात्राएं गर्ल्स होस्टलों में रुकेंगी। महिला वार्डन भी वहीं मौजूद रहेंगी।
> पूरे परिसर में अलग-अलग रंगों के आकर्षक झंडे लगाए जाएंगे।
दबाव नहीं था
इस मामले में कुलसचिव आर.डी. मूसलगांवकर का कहना है कि दबाव नहीं था। चर्चा हुई थी। जिन्हें वॉलंटियर बनाया जा रहा है, वे छात्र ही हैं।