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मेरा अपमान किया, अब बात से पीछे हट रहे

9 वर्ष पहले
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इंदौर. मैंने तो दोनों गुटों को समाज में एकता के संदेश के लिए बुलाया था। दोनों गुटों को एक होकर मस्तकाभिषेक करने के लिए भी कहा था। मैं किसी का नाम नहीं लूंगा, पर समन्वय बैठक में कुछ लोगों ने मेरा अपमान करते हुए कहा मस्तकाभिषेक तो 17 मार्च को ही होगा।
आप आमरण अनशन पर कल बैठते हो तो आज बैठ जाओ। मेरे इस अपमान से समाज में रोष फैलने के बाद अपमान करने वाले कही हुई बातों से पीछे हट रहे हैं। बचाव में एक-दूसरे पर ढोल रहे हैं। मैं किसी गुट के साथ नहीं हूं। सिर्फ सच्चाई के साथ हूं। मैंने किसी को भी मस्तकाभिषेक करने को लेकर स्वीकृति प्रदान नहीं की है।
यह बात आचार्य दर्शनसागर महाराज ने बुधवार को ‘भास्कर’ से कही। महाराज ने कहा कुछ लोग समाज में भ्रम फैला रहे हैं कि मैंने 17 मार्च को मस्तकाभिषेक को लेकर स्वीकृति दे दी है। उनसे पूछो मुझसे स्वीकृति लेने कौन आया था, फिलहाल मस्तकाभिषेक को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है।
भगवान में आस्था रखने वाला कसम नहीं खाता
आचार्य को जब बताया कि कुछ लोगों ने बुधवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में भगवान बाहुबली की कसम खाकर कहा है कि उन्होंने समन्वय बैठक में आपका अपमान नहीं किया। इस पर महाराज ने कहा भगवान में आस्था रखने वाला कभी कसम नहीं खाता। जो लोग कसम खा रहे हैं, उनमें भगवान के प्रति आस्था कैसे हो सकती हैं। मेरा तो सबसे यही कहना है सभी मिलकर भाईचारे के साथ रहें। सभी को एक होकर काम करना चाहिए।
अभी अनशन का निर्णय नहीं
उन्होंने बताया मैंने अभी आमरण अनशन पर बैठने का कोई निर्णय नहीं लिया है। मुझे उम्मीद है दोनों गुट एक हो जाएंगे और एक ही मस्तकाभिषेक होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो मैं मस्तकाभिषेक में शिरकत नहीं करूंगा। भगवान एक ही हैं, उनका बंटवारा नहीं हो सकता। उसके बाद भी नहीं मानते तो उनकी मर्जी। साधु सिर्फ समझा सकता है। साधु समाज को दिशा देते हैं, किसी को बददुआ नहीं।
समाज के सामने माफी नहीं मांगी तो बहिष्कार करेंगे
इंदौर त्न हम सब परममुनि भक्त हैं, किसी आचार्य के विरुद्ध जाना हमारी परंपरा नहीं है। हम सभी भगवान बाहुबली प्रतिमा के सामने प्रण करते हैं। हमने किसी प्रकार का कोई भी कृत्य आचार्य के प्रति नहीं किया है, यह सब षड्यंत्र है। दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद अध्यक्ष प्रदीप कासलीवाल द्वारा मंगलवार को जारी की गई विज्ञप्ति समाज को खंडित करने और भ्रमित करने का षड्यंत्र है। ये बातें दिगंबर जैन समाज पारमार्थिक एवं सामाजिक संगठन अध्यक्ष
एमके जैन, सुरेंद्र जैन बाकलीवाल, संजय पाटोदी, राहुल सेठी सहित अन्य सदस्यों ने संवाददाताओं से कही।
पारमार्थिक एवं सामाजिक संगठन के सदस्यों ने कहा शांतिकुमार टोंग्या ने पूरा जीवन मुनियों की सेवा में व्यतीत किया है और आगे भी करते रहेंगे। कासलीवाल को टिप्पणी करने से पहले टोंग्या से उनका पक्ष जानना था। कासलीवाल जब से सामाजिक संसद अध्यक्ष बने हैं, उसके बाद से किसी आचार्य व मुनि का चातुर्मास और आहार-विहार नहीं कराया।
कासलीवाल को टोंग्या से पूरे समाज के सामने माफी मांगना चाहिए। उन्होंने माफी नहीं मांगी तो हम उनका समाज से बहिष्कार करेंगे। उधर, प्रदीप कासलीवाल ने कहा इन लोगों का बहिष्कार तो समाज पहले ही कर चुका है। ये मेरे सामने चुनाव में बुरी तरह से हार चुके हैं।