इंदौर. जिन्होंने मुझे पढ़ाया, जिनका मार्गदर्शन पाकर मैं यहां तक पहुंचा। आज उन्हीं डॉ. एस.के. मुकर्जी के नाम स्थापित सम्मान से मुझे नवाजा जाना मेरे लिए गर्व की बात है। यह बात वरिष्ठ चिकित्सक और जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. डी.पी. लोकवानी ने कही।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज में आयोजित डॉ. मुकर्जी स्मृति चिकित्सा सेवा सम्मान समारोह में डॉ. लोकवानी ने कहा- जब डॉ. मुकर्जी का निधन हुआ था तब मैं जूनी इंदौर मुक्तिधाम में था। मैंने देखा कि उनके पार्थिव शरीर पर ढंका कपड़ा पैरों से हट गया। मैंने तुरंत उस कपड़े से दोबारा उनके पैरों को ढंका और पैर छूकर अंतिम आशीर्वाद लिया।
उस समय मैं अपने आंसुओं को भी नहीं रोक पाया था। डॉ. मुकर्जी की स्मृति में जनसेवा में जुटे 13 डॉक्टरों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल जस्टिस वी.एस. कोकजे, महापौर कृष्णमुरारी मोघे और विधायक उषा ठाकुर बतौर अतिथि मौजूद थीं।