इंदौर. स्वाइन फ्लू से लगातार आठवें दिन शनिवार को भी एमवाय अस्पताल में एक संदिग्ध मरीज की मौत हो गई। इस बीमारी से शहर में अब तक 21 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। इतना सब होने के बाद अब जाकर एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने एमवायएच में स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज में जुटे स्टाफ के लिए प्रोटेक्शन किट खरीदी हैं। यह सक्रियता भी तब दिखाई, जब पता चला कि स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव दौरे पर आ रहे हैं।
बाणगंगा निवासी 30 वर्षीय महिला को शुक्रवार रात 11.30 बजे भर्ती किया था। अगले दिन उसने दम तोड़ दिया। अभी एमवाय सहित शहर के अधिकृत अस्पतालों में 28 मरीज भर्ती हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर है। शनिवार सुबह जब स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने जवाब तलब किया तब ताबड़तोड़ अस्पताल प्रशासन ने रिपोर्ट भेजी।
इसमें कहा गया कि एमवायएच में मृत्युदर अधिक होने का कारण प्राइवेट अस्पतालों से कुछ मरीजों को ऐनवक्त पर गंभीर हालत में रैफर करना है। रिपोर्ट के अनुसार बांबे अस्पताल से तीन, सेम्स से दो और सीएचएल से एक मरीज को लगभग मरणासन्न अवस्था में रैफर किया गया। इसमें खरगोन और धार से मरीजों के देर से पहुंचने का हवाला भी दिया है। उधर, सैंपल भेजने के लिए 50 वीटीएम सॉल्यूशन भी खरीदा गया।
स्टाफ 12 का, लेकिन पांच किट से ही चला रहे थे काम
प्रमुख सचिव प्रवीर कृष्ण सोमवार को इंदौर के सरकारी और निजी अस्पतालों का मुआयना करेंगे। पीएस ने बताया वह संसाधनों की उपलब्धता, प्रचार-प्रसार और इंतजाम का जायजा लेंगे। उधर, सूचना मिलते ही जेडी ने अधिकारियों की बैठक बुलवा ली।
हालांकि विभाग की ओर से वीटीएम सॉल्यूशन व प्रोटेक्शन किट खरीदने में की जा रही लेतलाली को देखते हुए दोपहर में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 50 पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किट मंगवाईं। स्वाइन फ्लू वार्ड में काम करने वालों के लिए यह किट जरूरी है। वार्ड में 10-12 कर्मचारियों का स्टाफ है लेकिन किट पांच ही थीं।
बाहरी लोग लगा रहे साधारण मास्क
मरीजों की तादाद बढ़ने के बाद अस्पताल प्रशासन जागा और एन-95 मास्क खरीदे गए हैं। वह भी वार्ड में अंदर जाने वाले परिजन, मरीज और स्टाफ को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। बाहर खड़े लोग ओटी में इस्तेमाल होने वाला साधारण मास्क पहन रहे हैं। कई लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर घूम रहे हैं।
मरीज का रिकॉर्ड लेने अस्पताल पहुंचे परिजन
कुछ दिन पहले एमवायएच के स्वाइन फ्लू वार्ड में गौरी नगर निवासी 16 साल की लड़की की मौत हो गई थी। वह स्वाइन फ्लू की संदिग्ध मरीज थी। उसकी एन1 एच1 रिपोर्ट नेगेटिव आई। इसके बाद परिजन इस बात को लेकर आक्रोशित हुए कि बेटी को स्वाइन फ्लू वार्ड में क्यों रखा? फिर उन्होंने अस्पताल पहुंचकर मरीज का रिकॉर्ड मांगा। डॉक्टरों ने देने की बात कही। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वह इनफ्लूएंजा ए पॉजीटिव मरीज थी।