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कलेक्टर ने अफसरों से कहा- बाबू मनमानी करें और आपको पता नहीं

7 वर्ष पहले
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इंदौर. लोकायुक्त छापे के बाद कलेक्टर ने अधिकारियों को आदेश दिए कि एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार कार्यालयों में एक ही जगह तीन साल से जमे रीडर, बाबुओं को बदल दो। इनकी सूची बनाओ और जिले में अन्य जगह पदस्थ किया करो। कलेक्टोरेट में हुई राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने अधिकारियों को चेताया कि इस तरह की स्थिति ठीक नहीं है कि बाहर बाबू मनमानी करें और अधिकारियों को पता ही नहीं चले।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है और अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की जरूरत है। अपने दफ्तर में हो रहे काम पर नजर रखें और व्यवस्था चुस्त बनाएं। कोई रीडर, बाबू कैसे आम व्यक्ति से यह कह सकता है कि मैं अधिकारी से काम करा दूंगा, यह गंभीर स्थिति है।
कलेक्टर ने एसडीएम कार्यालय में व्यवस्था सुधारने के लिए अधिकारियों से कहा कि वह ई-गवर्नेंस के जरिए योग्य कम्प्यूटर ऑपरेटर रखें और उन्हें कुछ समय में बदलते रहें। योग्य लोगों को कार्यालय में रखें और नियमित कर्मचारियों को ही जरूरी फाइल व काम दें। बैठक में हर एसडीएम को एक-एक ऑपरेटर रखने की भी मंजूरी दे दी गई।
यह भी हुए फैसले

-जिले में कृषि तथा अन्य जमीनों का सीमांकन अब टीएसएम मशीनों से किया जाएगा।
-डायवर्ट की गई भूमि का नामांतरण अब तहसीलदार और नायब तहसीलदार कर सकेंगे।
-कृषि से भिन्न प्रयोजन के लिए यदि जमीन का उपयोग पाया जाएगा तो डायवर्शन शुल्क वसूला जाएगा।