इंदौर. मप्र लोकसेवा आयोग पीएससी-2014 की प्रारंभिक परीक्षा को ऑनलाइन करवाने का मामला अटक गया है। सोमवार को हुई पीएससी प्रबंधन की बैठक में परीक्षा को ऑनलाइन करने के निर्णय पर सहमति नहीं बन पाई। हालांकि अन्य सभी परीक्षाएं ऑनलाइन ही की जाएंगी।
इसके लिए 12 दिसंबर तक टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। इधर, पीएससी प्रबंधन ने तय किया है कि प्रारंभिक परीक्षा के लिए लगभग एक लाख प्रश्नों का बैंक तैयार किया जाएगा। उसी में से प्रश्न पूछे जाएंगे, ताकि एक ही गाइड से ज्यादा प्रश्न पूछे जाने जैसे आरोप न लग सकें।
ऑनलाइन परीक्षा क्यों
दरअसल, पीएससी-2012 और प्रारंभिक परीक्षा-2013 के विवादों में पड़ने के बाद पीएससी प्रबंधन ने परीक्षा ऑनलाइन करवाने का निर्णय लिया था। मुख्य परीक्षा-2012 का परचा बाजार में बेचे जाने की घटना से हड़कंप मच गया था। एसटीएफ की जांच में 40 लाख रुपए में परचा बेचे जाने की बात सामने आई थी। इसी के चलते चयनित अभ्यर्थियों के इंटरव्यू अब तक नहीं हो पाए हैं। इन सब गड़बड़ियों से बचने के लिए ऑनलाइन परीक्षा का निर्णय लिया गया था।
प्रश्न बैंक से यह होगा फायदा
प्रारंभिक परीक्षा-2013 में एक ही गाइड से 35 फीसदी प्रश्न पूछे जाने तथा 16 गलत प्रश्न की शिकायत पर बवाल मचा था। विवादों के बीच बमुश्किल प्रबंधन ने इसका रिजल्ट घोषित किया है। ऐसे ही विवादों के चलते लगभग एक लाख प्रश्नों की बैंक बनाने की तैयारी है।
जल्द लेंगे अंतिम निर्णय
राज्य सेवा को छोड़ सभी परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी। इसके लिए 12 दिसंबर तक टेंडर जारी होंगे। पीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा को ऑनलाइन करवाने पर अभी कोई निर्णय नहीं हो पाया है।''
मनोहर दुबे, सचिव, एमपी पीएससी