घटनास्थल पर गीला कपड़ा व चाकू मिला। माना जा रहा है भाई ने बहन की आंखें फोड़ीं और नाक पर वार किया। तनवीर ने जिस दुपट्टे का फंदा बनाया, उस पर भी खून मिला। इससे साफ है कि उसने घटना के बाद फांसी लगाई।
-एफएसएल प्रभारी
मां की जुबानी- बच्चे अकेले थे, मैं मदरसे से लौटी तो देखा दुनिया लुट चुकी थी...
मैं अलफला मदरसे में पढ़ाती हूं। पति नियाज मोहम्मद सांवेर रोड स्थित फैक्टरी में नौकरी करते हैं। बेटा तनवीर (14) अलफला स्कूल में आठवीं और बेटी तंजिला (12) छठवीं में पढ़ती थी। शनिवार सुबह 7.30 बजे दोनों स्कूल गए थे। 10 बजे उनके पिता चले गए थे। परीक्षा होने के कारण बच्चे 11.30 बजे लौटे, जिसके बाद मैं मदरसे चली गई। चार बजे लौटी तो घर के बाहर जाली का गेट अंदर से बंद था।
मैंने काफी देर तक बच्चों को आवाज दी, फिर सामने रहने वाली महिला से कूलर में लगने वाली पत्ती लेकर जैसे-तैसे कुंडी खोली। घर में गई तो किचन में खून से सनी तंजिला चित पड़ी थी। उसका सिर थाली में था और चेहरे से खून निकल रहा था। अंदर जाकर देखा तो तनवीर मेरी चुन्नी से फंदे पर लटका हुआ था। लगा कि उसकी सांसें चल रही हैं, इसलिए मैं चिल्लाते हुए बाहर दौड़ी। पड़ोसियों ने दोनों बच्चों को उठाया और निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। - मंजो बी (मां)
प्रारंभिक जांच से लग रहा है कि संभवत: तात्कालिक विवाद में हत्या हुई। - राजेश सहाय, एएसपी
एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया फिर जताई हत्या की आशंका
महिला ने घटना के पीछे पति के दूसरी महिला से संबंध और बच्चों से घृणा को कारण बताया। वहीं, पति ने कहा कि पत्नी बच्चों को उसके खिलाफ भड़काती थी। बाद में दोनों ने कहा कि बच्चे ऐसा नहीं कर सकते। हत्या की आशंका भी जताई।
एक तरफ बच्चों के शव रखे थे, दूसरी तरफ मां-पिता झगड़ रहे थे...
एमवायएच में तंजिला और तनवीर के शव स्ट्रेचर पर पड़े थे। तभी पिता नियाज और मां मंजो झगड़ पड़े। मंजो पति को लात-घूंसों से पीटने लगीं। पति ने भी हाथ चलाए। परिजनों ने उन्हें अलग किया।