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मंत्री जी ने जताई चिंता, बोले बना तो अच्छा है बीआरटीएस सफल तो रहेगा ना

8 वर्ष पहले
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इंदौर। प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर ने शुक्रवार को इंदौर बीआरटीएस का मुआयना किया। स्कीम 78 के बस स्टॉप से आई बस में सवार मंत्री ने सफर आरामदायक बताते हुए कहा- मुझे सिंगापुर और अन्य देशों का नजारा लग रहा है। हालांकि बाद में अफसरों से पूछा बीआरटीएस सफल तो रहेगा ना? एआईसीटीएसएल (अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लि.) के सामने स्टॉप पर उतरने के बाद फिर कहा कि इससे कितना फायदा होगा?

नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव एस.पी.एस. परिहार व कलेक्टर आकाश त्रिपाठी के साथ दोपहर 3 बजे कॉरिडोर में प्रवेश के दौरान मंत्री ने सामान्य जानकारी ली। पैदल यात्रियों के आने-जाने, बस स्टॉप के निर्माण, सुविधाएं संबंधी बातें पूछीं।

ऐसी रही बस यात्रा
: बस में मंत्री व पीएस आमने-सामने सीट पर बैठ गए। खिड़की से बाहर का नजारा देख मंत्री बोले- अच्छा काम किया है।

कलेक्टर बोले- सर... रात में और ज्यादा सुंदर लुक आता है।

: मंत्री ने पूछा स्पीड कितनी रहेगी? कलेक्टर बोले- 22-23 की है। ड्राइवर एक्सपर्ट हो जाएंगे तो 25 किमी प्रति घंटे की हो जाएगी।
: यहां किसी ने कॉरिडोर पर आने वाले भवनों की पार्किंग का सवाल उठाया तो गौर बोले इसे दिखवा लें।
: मंत्री ने पूछा कि आपको पर्याप्त यात्री मिल जाएंगे। यह सफल तो रहेगा ना?
: कलेक्टर बोले- यह सेवा शुरू होने के बाद दूसरी सिटी बसों, मैजिक और वैन को भी अलग कर देंगे। उसका ट्रैफिक भी मिलेगा तो कुछ साल में यात्रियों का आंकड़ा 50 हजार तक पहुंच जाएगा।
शासन सहयोग करें- बस से उतरते मंत्री ने फिर सिस्टम के फायदे पूछे। कलेक्टर बोले - सर कुछ साल शासन मदद करेगा तो होगा। अहमदाबाद में भी ऐसा हुआ।

रामनाथ बन जाओ कमलनाथ

मीडिया के साथ मजाक भी हुई। केंद्रीय मंत्री कमलनाथ से राशि मांगने की बात निकली तो गौर पहले बोले केंद्र से पैसा कम मिल रहा है। उनके पास जाओ तो अच्छा मजाक होता है। हम कहते हैं, कमल हमारा है, नाथ उधर है। एक ही जगह रहो। रामनाथ बन जाओ।

बीआरटीएस पर ट्रायल रन भले ही शुरू हो गया हो, लेकिन शेड्यूल के हिसाब से अब तक बसें नहीं आई हैं। नवंबर 2012 में 50 बसों के आने का शेड्यूल था, लेकिन अब तक आईं सिर्फ आठ। आई-बस का कांट्रेक्ट पुणे की कोरोना कंपनी को दिया गया है।

एआईसीटीएसएल के अधिकारी कहते हैं कि कॉरिडोर पूरा होने में करीब तीन महीने लेट हो गया, इसलिए ज्यादा प्रेशर नहीं किया। कंपनी से लगातार संपर्क में हैं। वहीं सूत्रों की मानें तो जिस कंपनी को बसें भेजना है वह समय-सीमा में बना ही नहीं पा रही है। कुल 50 बसें आने में दो से तीन महीने और लगेंगे।

कलेक्टर ने बताया चार बसें इसी महीने आएंगी तो जून के पहले सप्ताह तक 16 से 20 हो जाएंगी। 40 कॉरिडोर पर चलेंगी, बाकी 10 बीआरटीएस को जोडऩे वाली लिंक रोड पर चलाएंगे। एआईसीटीएसएल सीईओ संदीप सोनी ने बताया कंपनी हर सप्ताह चार बसें देगी।


दिन में 500, रात में चार हजार लोगों ने किया फ्री सफर
: शुक्रवार सुबह 7.50 बजे निरंजनपुर चौराहे से आई बस का ट्रायल रन शुरू हुआ। दो घंटे चला।
: पहले स्टॉप में तीन यात्री मिले। बाद में बढ़े।
: बस को निकलने में विजयनगर और रसोमा क्रॉसिंग पर बड़ी परेशानी आई।
: कुछ जगह यात्री कॉरिडोर पर खड़े होकर हाथ देने लगे। बाद में उन्हें अंदर बुलाया गया।
: कुछ ने टिकट के लिए पैसे भी निकाले तो उन्हें बताया गया कि अभी सफर नि:शुल्क है।
ट्रायल का समय बढ़ाया
आई बस में शुक्रवार रात को भी आम लोगों को मुफ्त सफर करवाया गया। रात 8 से 10 बजे तक करीब 4000 यात्रियों ने नि:शुल्क यात्रा का आनंद लिया, वहीं दिन में 500 यात्रियों ने सफर किया। कलेक्टर ने कहा यात्रियों की मांग को देखते हुए शनिवार से इस फ्री सफर का समय एक घंटा बढ़ाया गया है। अब बस रात को भी 8 से 11 बजे तक चलेगी।


इंदौर मुआयना करने के बाद गौर ने कहा बीआरटीएस अच्छा बना है। अहमदाबाद की तरह शानदार है। महापौर, कलेक्टर को बधाई देता हूं। इसके बाद कुछ इस तरह जवाब दिए मंत्री ने-
इंदौर में अफसर अपने हिसाब से शहर चलाते हैं, जनप्रतिनिधियों पर भारी हैं। छह साल में बीआरटीएस बनाने वाले अफसरों का क्या करेंगे?
: कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। आवश्यकता नहीं है।
बीआरटीएस पर बसें चलाने के लिए आपके ही लोगों के अतिक्रमण हैं।
:सबको ठीक कर देंगे।
प्रदेश में सरकार को लेकर कितना कॉन्फिडेंस है?
:हमने विकास किया है, जनता विश्वास करती है।
कर्नाटक की जनता ने विश्वास क्यों नहीं किया?
:वहां तो नाटक हुआ है। हमारे ही लोगों ने एक की दो पार्टी बना ली।
बीआरटीएस अभी एक फेस में है, आगे क्या होगा?
:अभी प्रारंभिक स्थिति है, इसे और बढ़ाएंगे। अगले चार साल में इसमें 50 हजार तक यात्री सवार होंगे। इसके बाद मेट्रो आ जाएगी।
मेट्रो के लिए 7500 करोड़ कहां से आएंगे?
:डीपीआर में कौन सा मॉडल आता है, उसके बाद तय करेंगे।
सुगनीदेवी लीज विवाद के बाद इंदौर में लीज के सैकड़ों मामले क्यों अटके हैं?
:पहले कहा, महापौर बताएंगे। बाद में पीएस से चर्चा कर बोले कुशाभाऊ ठाकरे ट्रस्ट की जमीन का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। उस जमीन के मामले में राजस्व विभाग की कमेटी बनी है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद साथ में नए नियम लागू करेंगे।
शहर में अतिक्रमण के कारण पार्किंग की समस्या, आप बुलडोजर मंत्री फिर कब बनेंगे?
:अब मैं विकास मंत्री हूं। आगे भी विकास करेंगे।
मुख्यमंत्री ने चुनाव में 50 प्रतिशत महिलाओं को टिकट देने की बात कही है?
- वो लोकल बॉडीज (स्थानीय चुनावों) के लिए कहा।


2018 में मिलेगी मेट्रो
: गौर ने इंदौर-भोपाल के मेट्रो प्रोजेक्ट पर कहा- हमारा एमओयू हो गया है।
: पहले तीन महीने में सर्वे के बाद तय होगा कि मेट्रो/मोनो/एलआरटी (लाइट रेल ट्रांजिट) में से कौन सा सिस्टम उपयुक्त होगा? इसके बाद आठ महीने में डीपीआर बनेगी।
: इंदौर में 32.16 किमी रूट पर 7500 करोड़ की लागत आएगी।
: जर्मन-मुंबई की संयुक्तकंपनी डिजाइन देगी। दिल्ली मेट्रो से भी कम लागत आएगी।
:2014 से 2018 तक काम पूरा होगा।