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घूस नहीं दी तो कैंसर मरीज को पांच घंटे बैठाया

8 वर्ष पहले
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इंदौर। सरकारी कैंसर अस्पताल में मरीज रेडिएशन थैरेपी (सिकाई) के लिए परेशान हो रहे हैं। उन्हें एक-एक महीने की वेटिंग दी जा रही है। कर्मचारी जल्दी इलाज करवा देने के नाम पर मरीजों से घूस मांग रहे हैं। एक मरीज ने एक कर्मचारी पर एक हजार रुपए मांगने का आरोप लगाते हुए अस्पताल अधीक्षक से शिकायत की है।

लवकुशनगर निवासी रवींद्र गणेश राव को सिकाई करवाना थी। शुरू के 15 दिन तो ठीक-ठाक रेडियोथैरेपी की लेकिन उसके बाद परेशान किया जाने लगा। पांच-पांच घंटे बैठाया जाता है। रवींद्र ने अधीक्षक को कर्मचारी अशोक खरे की शिकायत कर दी। इसमें कहा है कि मशीन की रिपेयरिंग में 80 हजार रुपए खर्च हुए हैं इसलिए तुम (रवींद्र) केवल एक हजार रुपए दे देना। काम हो जाएगा। यदि पैसे नहीं दिए तो चार-पांच घंटे बैठे रहना पड़ेगा।

रवींद्र ने बताया कि मैंने एक बार पैसे दे दिए थे लेकिन 15 दिन बाद वापस पैसे मांगे गए। मैंने नहीं दिए तो सिकाई के लिए वेटिंग पर रख दिया। कारण पूछा तो बताया कि मशीन खराब है। गर्म हो गई है। मशीन की सेटिंग सही नहीं है। बाद में आना।

रोजाना 80 मरीजों का इलाज

अस्पताल में केवल एक ही कोबाल्ट मशीन है। मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। एक दिन में 80 मरीजों की सिकाई की जाती है। करीब 10-20 मरीजों को मना करना पड़ता है। उन्हें एक महीने बाद आने को कहा जाता है। इसी का फायदा उठाकर स्टाफ मनमाने तरीके से मरीजों को वेटिंग दे देता है। वहीं, प्राइवेट अस्पताल से इलाज करवाकर यहां आए मरीजों को बाद में आने को कहा जाता है।


कर्मचारी को हटा दिया

'हमें शिकायत मिली थी। उसके बाद अशोक खरे को वहां से हटा दिया है। स्पष्टीकरण के लिए नोटिस भी दे दिया है।
-डॉ. फकरुद्दीन, अधीक्षक, कैंसर अस्पताल

मजबूरन निजी अस्पताल में कराना पड़ी सिकाई

कैंसर अस्पताल में आए दिन मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। मुंह के कैंसर से पीडि़त नाथूलाल मालाकार ने बताया मुझे एक महीने की वेटिंग बताकर बाद में आने को कहा, जबकि मुझे सिकाई करवाना बेहद जरूरी था। इसके बाद मैंने मजबूरन निजी अस्पताल में सिकाई करवाई, जिसका खर्च करीब 50 हजार रुपए आया।