इंदौर. गुंडे अर्जुन त्यागी की सेंट्रल जेल में हत्या करने वाले जितेंद्र ठाकुर के पास मिले दोनों
मोबाइल की कॉल डिटेल ने जेल प्रशासन की मिलीभगत उजागर कर दी है। वह जेल के कर्मचारियों और प्रहरियों से खुलकर बात करता था। अन्य कैदी भी उसके मोबाइल से घर वालों से बेखौफ बात करते थे। एमजी रोड पुलिस ने जेल के औद्योगिक प्रशिक्षक को लगातार बात करने पर हिरासत में लिया है। तीन प्रहरियों के भी नंबर मिले हैं।
नियमों के अनुसार जेल में अधिकारियों को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं है, ऐसे में एक कैदी द्वारा मोबाइल पर जेलकर्मियों से ही बात करना पूरी व्यवस्था की पोल खोल रहा है। उधर, पुलिस ने हत्या के मास्टर माइंड जितेंद्र कुशवाह को शनिवार रात िगरफ्तार कर लिया।
एमजी रोड पुलिस ने जितेंद्र ठाकुर की निशानदेही पर सेंट्रल जेल से दो मोबाइल जब्त किए थे।
दोनों पर पिछले तीन महीनों में 80-90 बार बात होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने एक-एक नंबर की जानकारी निकाली तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जितेंद्र से मोबाइल पर लगातार बात करने वालों में जेल के औद्योगिक प्रशिक्षक चांदूलाल नागवंशी का भी नंबर मिला। उससे जितेंद्र ने कई बार बात की थी। उसे एमजी रोड पुलिस ने हिरासत में लिया।
उन्हें जब कॉल डिटेल दिखाकर बातचीत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बड़ी ही सहजता से कह दिया कि मुझे पता नहीं, हो सकता है लगाया हो। चांदूलाल ने कहा मैंने तो उसे कॉल नहीं लगाया तो मेरी गलती कैसे हुई। जेल मैनुअल के मुताबिक जेल के अधिकारी भी जेल के अंदर मोबाइल नहीं ले जा सकते। पुलिस भी जब जेल में चेकिंग करने जाती है, तो गेट पर उनसे मोबाइल रखवा लिए जाते हैं।
नानगुरु का बेटा रोज करता था बात
दूसरे मोबाइल की कॉल डिटेल से खुलासा हुआ कि नानगुरु का बेटा जितेंद्र अवस्थी लगभग हर दिन ठाकुर से बात करता था। डीआईजी ने शनिवार को उस पर 10 हजार का इनाम घोषित किया तो सेटिंग कर इंदौर वायर फैक्टरी के पास पेश हो गया, जहां उसे एमजी रोड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
वकील ने कराई थी हत्या की प्लानिग
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इस हत्या के पीछे पूरी सेटिंग कराने वाला एक वकील है। उसकी जानकारी सतीश भाऊ गुट के लोगों को भी मिल गई है। उस पर हमले का अंदेशा जताया जा रहा है।
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