इंदौर. खजराना में बहन की हत्या के बाद भाई द्वारा आत्महत्या करने के मामले में रविवार को दोनों के पोस्टमॉर्टम को लेकर दिनभर हंगामा हुआ। बच्ची के पोस्टमॉर्टम के लिए महिला डॉक्टर की आवश्यकता थी, लेकिन डॉक्टर ने आने से इनकार कर दिया। परिजन नारेबाजी करते रहे।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने एफआईआर की धमकी दी तब जाकर डॉक्टर आई और शाम को पोस्टमॉर्टम हो सका। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ भाई ने बहन का रस्सी से गला घोंटा और धारदार हथियार से आंखें फोड़ी, नाक और कान पर भी वार किया था।
खजराना के रोशन नगर में शनिवार को 14 वर्षीय तनवीर ने अपने से दो साल छोटी बहन तंजिला की हत्या कर फांसी लगा ली थी। रविवार सुबह 9 बजे से परिजन एमवायएच की मर्च्यूरी में पोस्टमॉर्टम के लिए जमा हो गए। पुलिस ने सारे कागजात तैयार कर 12 बजे डॉक्टरों को सौंप दिए। तंजिला के पोस्टमॉर्टम के लिए महिला डॉक्टर के भी टीम में शामिल होने की जरूरत थी, लेकिन कोई महिला डॉक्टर तैयार ही नहीं हुई।
एसआई एसके त्रिपाठी ने बताया सीएमओ डॉ. सुधि शुक्ला को पोस्टमॉर्टम के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। गुस्साए परिजन पीएम रूम के बाहर ही डॉक्टर हाय-हाय के नारे लगाने लगे। इस पर पीएम करने वाले डॉ. अनिल लांजेवार बाहर आए और बोले मैं तो तैयार हूं, लेकिन महिला डॉक्टर के बिना पीएम कैसे होगा।
500 लोग पहुंच रहे हैं अस्पताल, कुछ भी हो सकता है
सुबह से रोशन नगर में भाई-बहन के जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचे लोग दोपहर तक आपा खोने लगे। उन्होंने पुलिस को कोसना शुरू कर दिया। टीआई सीबी सिंह ने स्थिति बिगड़ती देख कलेक्टर और कमिश्नर को कॉल लगाए। उन्हें बताया 500 लोग खजराना से एमवाय अस्पताल पहुंच रहे हैं स्थिति बिगड़ जाएगी। डॉक्टरों को समझाया जाए। इसके बावजूद डॉ. शुक्ला तैयार नहीं हुईं। सिंह ने बताया छोटी बहन की हत्या के मामले में तनवीर पर केस दर्ज किया है।
नहीं मान रहे हैं तो गिरफ्तार कर लो
टीआई ने एसआई को निर्देश दिए कि अगर डॉक्टर तैयार नहीं हैं तो उन्हें बता दो कि पुलिस उनके खिलाफ एफआईआर कर गिरफ्तार कर लेगी। इसके बाद डॉ. शुक्ला पीएम करने पहुंचीं। शाम 6 बजे भाई-बहनों का अंतिम संस्कार हो सका।
रस्सी से गला घोंटा, आंखें फोड़ीं
खजराना पुलिस को शाम को शॉर्ट पीएम रिपोर्ट मिल गई। एसआई त्रिपाठी ने बताया इसमें खुलासा हुआ तंजिला की हत्या रस्सी से गला घोंटकर की गई है। उसकी आंखें नुकीली और धारदार वस्तु से फोड़ी गईं। नाक और कान पर भी वार किया गया है। तनवीर की मौत फांसी से ही हुई है।
पड़ोसी बोले अकसर झगड़ते थे भाई-बहन
मां-पिता अभी भी इस घटना को हत्या मानकर चल रहे हैं। एएसपी राजेश सहाय ने बताया पुलिस ने पड़ोसियों के बयान लिए तो खुलासा हुआ भाई-बहन अकसर झगड़ते थे। शनिवार को भी उनके झगड़ने की आवाजें आ रही थीं। पड़ोसियों ने रोज की बात मानकर गंभीरता से नहीं लिया। झगड़ा किसी तात्कालिक बात पर हुआ और तैश में तनवीर ने हत्या कर दी। बाद में उसने आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने स्पष्ट नहीं किया था
सुबह पुलिस ने स्पष्ट ही नहीं किया था कि पीएम के लिए गायनिक डॉक्टर के साथ पूरी टीम चाहिए। कन्फ्यूजन के चलते थोड़ी देरी हुई। जब जानकारी मिली तब हमने तत्काल डॉ. शुक्ला को वहां भेजा।
-ए.डी. भटनागर, अधीक्षक
मैंने तो लिखित में मांग की थी
मैंने तो लिखित में एमवाय अस्पताल अधीक्षक से महिला डॉक्टर को टीम में शामिल करने की मांग की थी। डॉक्टर ही देर से आईं, इसलिए स्थिति बिगड़ गई।
-डॉ. अनिल लांजेवार
मुझे दोपहर में बताया गया
सुबह जब पुलिस पीएम का आवेदन लेकर आई थी, उस समय मेरी ड्यूटी नहीं थी। मुझे पुलिस द्वारा दोपहर में बताया गया कि पीएम के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ की जरूरत है। हमारी ओर से कोई देरी नहीं हुई।
-डॉ. सुधि शुक्ला, सीएमओ