इंदौर. अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव में रंग जमाने के लिए पार्टिसिपेंट्स खूब प्रैक्टिस कर रहे हैं। अभिव्यक्ति में इस बार डांडिया की सालों पुरानी स्टाइल्स अरवाचीन और प्राचीन की प्रैक्टिस भी हो रही है। गुजरात से आए रंग मिलन ग्रुप के ट्रेनर्स ने बताया कि ये पारम्परिक डांडिया स्टेप्स हैं जिन्हें सिर्फ ढोल की थाप पर गरबा गाते हुए करते हैं। प्राचीन डांडिया सिर्फ लड़कियां करती हैं। लड़कियां गोल घेरे में घूमते हुए गाती और नाचती हैं।
इसके अलावा अभिव्यक्ति गरबा क्लासेस में आरती की प्रैक्टिस भी शुरू हो गई है। हाथों में दीये और मशालें लेकर पार्टिसिपेंट्स गरबा करेंगे। साथ ही राजस्थानी, पंजाबी, मारवाड़ी और फ्री स्टाइल डांस स्टेप्स की रिहर्सल भी कराई जा रही है।
क्या है अरवाचीन और प्राचीन डांडिया
रंग मिलन ग्रुप के ट्रेनर राकेश शिकारी बताते हैं कि गुजरात के गांवों में नवरात्र में ढोल की थाप पर गांवके रहवासी मां दुर्गा की प्रतिमा के इर्द-गिर्द घेरा बनाकर गरबा खेलते थे। झुककर, बीच बीच में कभी बैठकर और बड़े-बड़े घेरे लेकर लोग इस तरह का डांडिया करते थे। प्राचीन डांडिया स्टाइल सिर्फ लड़कियां करती हैं।
रामलीला में दीपिका कर चुकी हैं प्राचीन डांडिया
संजय लीला भंसाली की फिल्म रामलीला में दीपिका पर फिल्माए गए सॉन्ग धिन तड़ाक- धिन तड़ाक में भी प्राचीन डांडिया किया गया है। सभी ने उठ-बैठकर भी स्टेप्स की हैं। गाते हुए बड़ी स्पीड में प्राचीन डांडिया होता है।
लुक के लिए भी खासी मशक्कत
गरबा महोत्सव में शामिल होने वाले पार्टिसिपेंट्स अपने लुक को लेकर भी कॉन्शियस हैं। कंटेस्टेंट अंजू रीझवानी बताती हैं कि इस बार गरबा अभिव्यक्ति के लिए उन्होंने गुजरात से नियॉन कलर के डिजाइनर लहंगे ऑर्डर किए हैं। वहीं, सिटी गर्ल्स के बीच गरब महोत्सव के दौरान रोज अलग-अलग ड्रेसेस के बारे में डिस्कशन शुरू हो चुका है। इसके लिए वे सिटी के डिजाइनर्स और मेट्रो सिटीज से ड्रेसेज मंगा रही हैं।