इंदौर. स्वच्छ-इंदौर के लिए भास्कर द्वारा शुरू किए गए महाअभियान के तहत चुनाव लड़ रहे जिन पार्षद प्रत्याशियों ने इस अभियान से जुड़ने का वादा किया था, उनमें से कई जीत कर अब पार्षद बन गए हैं। भास्कर ने जब इनसे पूछा कि वे वार्ड में कौन सी एक सड़क बनाएंगे, जिस पर बैठकर खाना खाने में भी हिचक न हो।
ऐसी साफ, स्वच्छ, अतिक्रमण व गुमटी मुक्त और हरियाली युक्त सड़क के लिए पार्षद भी आगे आए हैं। विधानसभा क्षेत्र क्रं. 1 के 16 वार्डों के पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की सड़कों के नाम बताए हैं। सभी ने वचन दिया है कि वे जल्द से जल्द इन सड़कों को आदर्श बनाएंगे।
स्वच्छ इंदौर के लिए केंद्र ने मांगी डीपीआर
नगर निगम अब शहर की सफाई के लिए एक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाएगा, जो एक माह में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को सौंपी जाएगी। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान के तहत केंद्र सरकार देश के प्रमुख शहरों में इस योजना को पूरी तरह लागू करना चाहती है। इसी क्रम में प्रमुख शहरों से उनकी आवश्यकता, वर्तमान में चल रहे प्रोजेक्ट की स्थिति, अब तक हुए कामों के परिणाम और आगे की आवश्यकता मांगी गई है। दो दिन पहले केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा मुंबई में इसे लेकर एक वर्कशॉप आयोजित की गई थी। इसमें इंदौर नगर निगम आयुक्त राकेश सिंह भी शामिल हुए थे। सिंह के मुताबिक सभी प्रमुख शहरों को डीपीआर बनाने के लिए कहा है, जिसमें इंदौर भी शामिल है।
वर्कशॉप में केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू का संबोधन भी हुआ। नायडू ने केंद्र की फ्लैगशिप वाली योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि कैसे इसे अंतिम व्यक्ति तक ले जाया जाना है। केंद्र की प्राथमिकता में स्वच्छ भारत अभियान है।
दैनिक भास्कर द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ इंदौर अभियान की यह एक बड़ी सफलता है, अब इसके लिए केंद्रीय फंडिंग भी मिलेगी। निगम एक माह में डीपीआर बनाकर भेज देगा। दूसरी ओर घर-घर से कचरा उठाने के लिए जो कंपनियां आई हैं, उन्होंने सालाना 75 करोड़ रुपए इस काम के लिए मांगे हैं, जिस पर नई परिषद फैसला लेगी।