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वार्डों का परिसीमन: अब होंगे शहरी क्षेत्र के आठ विधायक

7 वर्ष पहले
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इंदौर. शहरी सीमा में शामिल 29 गांवों के वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया 31 जनवरी को पूरी होना थी। अब तक जो प्रस्ताव तैयार हुआ है, उसके मुताबिक इंदौर में विधानसभा क्षेत्र क्रं. 1, 3, 4 में एक से दो वार्ड कम होंगे, वहीं राऊ के साथ सांवेर और देपालपुर विधानसभा के कुछ हिस्से भी शहरी वार्डों में शामिल होंगे। इसी के चलते राऊ की तरह सांवेर, देपालपुर का क्षेत्र भी शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में शामिल रहेगा। इस तरह अब शहर में आठ विधायक हो जाएंगे।

शहरी सीमा में अभी 69 वार्ड हैं और नए परिसीमन में 70 हो जाएंगे। 29 गांवों की कुल 2.30 लाख से ज्यादा आबादी को एक वार्ड बढ़ाकर एडजस्ट किया जाएगा। अभी जो 130.17 वर्ग किमी का एरिया है, वह 271.17 वर्ग किमी हो जाएगा। कलेक्टर के आदेश पर निगम अधिकारियों की कमेटी ने जो प्रस्ताव बनाया है, उसे लेकर भाजपा में भी मंथन हुआ है। सूत्रों की माने तो सभी संभावनाओं और दावे-आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। भाजपा ने तो पार्टी स्तर पर इसे लेकर विचार मंथन भी किया है। परिसीमन में जिन विधानसभा क्षेत्रों में नए क्षेत्र शामिल नहीं होंगे, उनमें इंदौर 3, 4 और 5 प्रमुख हैं। म.प्र. नगर पालिक अधिनियम, वार्डों का विभाजन नियम 1994 के तहत की गई इस प्रक्रिया में कलेक्टर द्वारा नोटिफिकेशन के बाद 7 दिन में दावे-आपत्तियां बुलाए जाएंगे। इसके बाद संभागायुक्त अंतिम नोटिफिकेशन जारी करेंगे। हालांकि अंतिम समय में वार्ड विभाजन को लेकर बदलाव भी हो सकता है।

यह है परिसीमन के मुख्य प्रस्ताव

इंदौर-1 : अभी 14 वार्ड हैं, यहां से एक वार्ड कम करने का प्रस्ताव है।

इंदौर-2 : अभी 14 वार्ड है, एक वार्ड यहां कम होगा तो एक बढ़ेगा भी। क्षेत्र जरूर बदलेगा।

इंदौर-3 : अभी 10 वार्ड हैं। यहां पहले तीन वार्ड कम करने का प्रस्ताव था, बाद में विधायक के हस्तक्षेप से 2 वार्ड कम करने पर सहमति बनी। अब यहां 8 ही वार्ड होंगे।

इंदौर-4 : अभी 13 वार्ड हैं। यहां भी पहले तीन वार्ड कम करने का प्रस्ताव था। अंतिम समय में सहमति दो वार्ड पर ही बनी। अभी कोशिश जारी है कि यहां 12 वार्ड रहे।

इंदौर-5 : यहां अभी 14 वार्ड हैं। इनमें ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है। खजराना जैसे बड़े क्षेत्र को जरूर दो वार्डों में बांटा जाएगा। इस तरह एक वार्ड यहां अंतिम समय में बढ़ सकता है, फिर 15 हो जाएंगे।
राऊ : फिलहाल 4 वार्ड हैं। नए गांव शामिल करने के बाद यहां 6 वार्ड प्रस्तावित हैं। दो नए वार्ड से इस क्षेत्र के समीकरण एमआईसी से लेकर अन्य मामलों में भी बदल जाएंगे।
सांवेर : इस विधानसभा क्षेत्र का एक वार्ड शहरी सीमा में शामिल होगा। अंतिम समय में ये दो भी हो सकते हैं।
देपालपुर : यहां का बड़ा हिस्सा छोटा-बड़ा बांगड़दा के रूप में शहरी सीमा में शामिल हुआ है। इसलिए यहां के दो वार्ड शहरी सीमा में शामिल हो रहे हैं।
(अंतिम समय में अभी और बदलाव संभव है।)

यह भी हुआ

: एकमात्र पांच नंबर क्षेत्र में कुछ घटा नहीं। एक वार्ड का बंटवारा जरूर हुआ है।
: विधायक उषा ठाकुर 9 वार्ड करने पर अड़ी थीं, लेकिन अंत में उन्हें 8 के लिए मना लिया गया।
: इंदौर-4 में लोधीपुरा वार्ड को लेकर भी मशक्कत ज्यादा हुई।

यह असर होगा

:निगम में हस्तक्षेप अब 6 के बजाय आठ विधायकों का होगा।
:गांव और शहरी क्षेत्र को लेकर लगातार उठने वाला विवाद खत्म होगा।
:सांवेर, देपालपुर और राऊ के शहरी वार्डों के मतदाता महापौर का चुनाव भी कर सकेंगे।
: जेएनएनयूआरएम का लाभ ग्रामीण विस से शामिल लोगों को भी मिल सकेगा।
:मूलभूत सुविधाओं में वृद्धि होगी

प्रकाशन 5 फरवरी को

॥परिसीमन का काम अंतिम चरण में है। कुछ बिंदुओं पर विचार के बाद 5 फरवरी तक इसका प्रारंभिक प्रकाशन कर दिया जाएगा। - आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर