पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Doctors Revenge Stopped Dead Body In My Hospital

तोड़ी मर्यादा: विवाद करने वाला भाग गया, डॉक्टरों ने बदला लेने लाश रोक ली

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इंदौर. एमवाय अस्पताल में शनिवार शाम दोस्त के पिता को खून देने आए युवक से डॉक्टर का विवाद हो गया। बाद में डॉक्टरों ने युवक को पिता का शव देने से मना कर दिया। बेटा गिड़गिड़ाता रहा लेकिन डॉक्टर अड़े रहे कि जब तक तुम्हारा दोस्त नहीं आएगा, शव नहीं मिलेगा। सीनियर के समझाने के बाद भी जूनियर डॉक्टर काम बंद कर बैठ गए। ढाई घंटे बाद एक परिचित को चौकी में बैठाकर युवक शव लेकर रवाना हुआ।
राऊ के रहने वाले अशोक पांचाल को सुबह 10 बजे एमवाय के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया था। बेटे दिलीप ने दोस्त नंदकिशोर और नवीन को खून देने के लिए बुलाया। दोपहर तीन बजे पिता की मौत हो गई। तभी एक महिला मरीज का ऑक्सीजन मास्क निकलने के लिए डॉक्टरों को बुला रही थी लेकिन वे बैठे रहे। इस पर नवीन ने चिल्लाकर कहा तुम्हारी इन्हीं हरकतों से लोग मरते हैं। इस पर डॉ. नितिन तोमर ने कहा मेरा मरीज है मैं अपने हिसाब से देखूंगा। उनमें मारपीट होने लगी। हमने दोनों को छुड़ाकर नवीन को रवाना कर दिया।
मैं माफी मांगता हूं, पिता को ले जाने दो
दिलीप ने बताया डॉक्टर जमा हो गए और बोले नवीन को वापस जब तक नहीं बुलाओगे पिता की शव नहीं ले जा सकते। मैंने सभी डॉक्टरों के और गार्ड तक के पैर पड़े कि पिता को ले जाने दो, सूरज ढल गया तो अंतिम संस्कार नहीं हो पाएगा। बड़े डॉक्टर भी आ गए वे भी समझाते रहे लेकिन कोई नहीं माना।

मंत्री का दामाद बताकर दबाव बना रहे थे

एमवाय चौकी के प्रधान आरक्षक चंदरसिंह पंवार ने बताया डॉ. तोमर को किसी मंत्री का दामाद बताया जा रहा था। डॉक्टर उसी का दबाव बना रहे थे। शाम साढ़े पांच बजे नंदकिशोर को चौकी पर बैठाने की बात पर उन्होंने शव सौंपा। बाद में टीआई संयोगितागंज ने नंदकिशोर काे नाम पता लिख रवाना किया।
डॉक्टर बोले- लाश नहीं परिजन को रोका था

> डॉ. नितिन तोमर का कहना है कि नवीन नामक युवक ने अकारण मारपीट की थी।
> जूडा अध्यक्ष डॉ. मोहित नरेडी ने कहा आए दिन ऐसे हमले होते हैं, सुरक्षा के मुद्दे को लेकर काम बंद कर दिया था। लाश को नहीं परिजन को रोका था ताकि नवीन को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर सकें।