इंदौर. एमवाय अस्पताल में प्रोजेक्ट कायाकल्प और सुपर स्पेशिएलिटी सेंटर की शुरुआत से पहले ही सरकार ने गुरुवार को अधीक्षक पीएस ठाकुर को हटा दिया। उनकी जगह डॉ. एडी भटनागर को अधीक्षक बनाया गया है। डॉ. भटनागर आरक्षक भर्ती मामले में केस दर्ज है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए कागजों पर आरक्षक पद के अभ्यर्थियों की लंबाई बढ़ाने का कृत्य किया है।
डॉ. ठाकुर को ऐसे वक्त हटाया जब शुक्रवार को प्रोजेक्ट कायाकल्प को लेकर एक बड़ी बैठक होने वाली है। हालांकि ठाकुर को अचानक क्यों हटाया गया इसका जवाब किसी के पास नहीं है। कमिश्नर संजय दुबे का मानना है कि बदलाव से अस्पताल के कायाकल्प प्रोजेक्ट पर असर पड़ सकता है। डॉ. ठाकुर को पूर्व की भांति फोरेंसिक विभाग में पदस्थ किया गया है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने उन्हें हटाने के लिए पिछले हफ्ते ही फाइल अनुमोदित कर दी थी, लेकिन आदेश गुरुवार को जारी हुआ। माना जा रहा है कि एमवायएच की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए उठाए गए सख्त कदम कुछ लोगों को रास नहीं आ रहे थे।
इसी को लेकर उनके खिलाफ कुछ शिकायतें भी हुई थीं। इन्हीं के आधार पर उन्हें हटाने की बात कही जा रही है। हालांकि चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक ने इसे सामान्य प्रक्रिया बताया है। वहीं मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस मामले की जानकारी होने से इनकार कर दिया है।
कुछ लोगों ने की थी शिकायतें
इस बदलाव को लेकर भास्कर ने कुछ आला अधिकारियों से बात की तब उन्होंने यहीं कहा कि डॉ. ठाकुर की छवि ईमानदार अधिकारी की है। असंतुष्टता हर कहीं मिलती है। कुछ लोगों ने भोपाल शिकायतें की, जिसके आधार पर ही संभवत: उन्हें हटाया गया।
कायाकल्प प्रोजेक्ट पर असर पड़ेगा
ठाकुर की कार्यशैली अच्छी है। मेहनती और ईमानदार भी है, लेकिन बदलाव एक शासकीय प्रक्रिया है। अधीक्षक बदलने से कायाकल्प जैसे प्रोजेक्ट पर असर तो पड़ेगा, लेकिन प्रोजेक्ट टीम वर्क है।'
-संजय दुबे, संभागायुक्त
अभी टिप्पणी नहीं करूंगा
मुझे अभी तक पदस्थापना बदलने संबंधी कोई आदेश नहीं मिला, इसलिए मैं टिप्पणी नहीं कर सकता।' डॉ. पी.एस. ठाकुर, अधीक्षक एमवायएच
सीधी बात- डॉ. एस.एस. कुशवाह,
संचालक चिकित्सा शिक्षा विभाग
लोगों का कहना है कि डॉ. ठाकुर अच्छा काम कर रहे थे। बावजूद अचानक इस बदलाव की वजह?
> सामान्य प्रक्रिया है। व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाए रखने के लिए बदलाव होते रहते हैं।
क्या उनकी कोई शिकायत संचालनालय तक पहुंची थी?
> नहीं, कोई शिकायत नहीं मिली।
तो फिर किस आधार पर हटाया?
> सिस्टम में पद काम करता है। बदलाव सामान्य प्रक्रिया है।