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आरटीओ में लापरवाही: ड्राइविंग ट्रैक बर्बाद, लाइसेंस के लिए रास्ते पर हो रहे ट्रायल

7 वर्ष पहले
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इंदौर. विजय नगर आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने पहुंचे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ड्राइविंग टेस्ट के लिए बना ट्रायल ट्रैक एमपीएसआरटीसी की नीलाम बसों को क्रेन से खिंचकर निकालने से खराब हो गया।
इस कारण आवेदकों को कार्यालय के रास्ते पर ही लोगों से बचते-बचाते टेस्ट देना पड़ रहा है। इससे वाहन चलाने के मापदंडों को भी ठीक से नहीं परखा जा रहा। मंगलवार को कई आवेदक फेल हो गए।
केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदक को सबसे पहले परिवहन नियमों की जानकारी का टेस्ट पास करना होता है। इसके बाद लर्निंग लाइसेंस मिलता है, फिर 30 दिन बाद ट्रायल ट्रैक पर आवेदक को अधिकृत अधिकारी के निर्देशानुसार गाड़ी चलाकर दिखाना पड़ता है।
आवेदक को यह टेस्ट पास करने पर परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस दिया जाता है। इस टेस्ट के लिए आरटीओ में रोजाना 200 से ज्यादा आवेदक आते हैं। मंगलवार को यहां आवेदक और अधिकारी पहुंचे तो ट्रायल ट्रैक की हालत देख चौंक गए।
पूरे ट्रैक पर कीचड़ और गड्ढे थे। पूरी तरह बर्बाद इस ट्रैक पर गाड़ी चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल था। ऐसे में अधिकारियों ने मेन गेट से नंबर प्लेट सेक्शन तक जाने वाले मुख्य रास्ते पर ही आवेदकों से वाहन चलवाकर टेस्ट लिया।
ट्रायल में कई आवेदक फेल हो गए
जिस सड़क पर ट्रायल लिया जा रहा था, उस पर पत्थर निकले थे और आरटीओ से जुड़े लोग भी पैदल और वाहनों से आ-जा रहे थे। आवेदक को इन लोगों से बचते-बचाते ट्रायल देना पड़ा। कुछ लोग इन्हीं परेशानियों के चलते टेस्ट में फेल हो गए। वहीं ट्रायल के दौरान बारीकियों जैसे सीधे और रिवर्स ड्राइविंग, मोड़, नियमों का पालन, आदि बातों को भी ठीक से नहीं परखा जा सका।
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