इंदौर. क्राइम ब्रांच की टीम ने सेंट्रल सेल्स टैक्स विभाग के फर्जी सी-फॉर्म बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका साथी अहमदाबाद में है। अन्य सदस्यों की तलाश में विभिन्न राज्यों में टीम भेजी गई है। पुलिस ने आरोपी के पास से 23 राज्यों की नकली सीलें, 26 राज्यों के सी-फॉर्म आदि जब्त किए।
एएसपी देवेंद्र पाटीदार ने बताया पुलिस को सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग नकली सी-फॉर्म बेच रहे हैं। इससे शासन को करोड़ों के राजस्व की हानि हो रही है। पुलिस ने नीलकंठ कॉलोनी में छापा मारा। यहां से 60 वर्षीय सुरेशचंद्र पिता रूपनारायण गोयल को गिरफ्तार किया गया।
घर की तलाशी में पुलिस को 23 राज्यों के सेंट्रल सेल्स टैक्स विभाग की नकली सीलें, गुजरात, यूपी, राजस्थान, हरियाणा, गोवा, कर्नाटक, केरल, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, म.प्र. सहित 26 राज्यों के 439 खाली सी-फार्म मिले। इसके साथ ही फॉर्म बनाने की डाई तथा अन्य फार्म भी मिले।
ऐसे होती है धोखाधड़ी
टैक्स कंसल्टेंट अभिषेक अग्रवाल ने बताया प्रदेश के व्यापारी को दूसरे प्रदेश के व्यापारी के साथ व्यापार करने के लिए सी-फॉर्म लगता है। उदाहरण बतौर म.प्र. के व्यापारी को गुजरात के व्यापारी से कोई सामान खरीदना है तो उसे म.प्र. के सेल्स टैक्स विभाग से सी-फॉर्म इश्यू कराकर देना पड़ता है।
इसका फायदा यह होता है कि व्यापार की इंट्री विभाग में हो जाती है और गुजरात के व्यापारी को सिर्फ 2 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है। सी-फॉर्म नहीं होने पर उसे 13 प्रतिशत टैक्स भरना पड़ेगा। अगर व्यापारी फर्जी सी-फॉर्म दे दे तो उसे टैक्स में बचत होगी। माल की एंट्री भी नहीं दर्शानी होगी।
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