इंदौर. क्राइम ब्रांच की टीम ने फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दो युवकों को गिरफ्तार किया। इनमें एक युवक दुबई में जन्मा और भारत आकर रहने लगा। दूसरा 20 साल से दुबई में रह रहा था। उनसे 10-12वीं के अलावा ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट परीक्षाओं की 300 से ज्यादा मार्कशीट व डिग्रियां मिली हैं। सरगना चार साल से किराए के मकान में गिरोह संचालित कर रहा था।
एएसपी क्राइम देवेंद्र पाटीदार ने बताया क्राइम ब्रांच की टीम ने गुरुवार को आलोक नगर स्थित सूर्याश एग्जॉटिक बिल्डिंग के फ्लैट नं. 201 में छापा मारा। यहां पुलिस को आफताब उर्फ अप्पू पिता अल्ताफ हुसैन निवासी हाजी कॉलोनी और मोहम्मद अथर उर्फ फरहाज पिता अशरफ खान मूल निवासी कतर, दुबई मिले। पुलिस को फ्लैट से 300 से ज्यादा नकली मार्कशीट, लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर, रबर स्टैम्प मिले। नकली मार्कशीट म.प्र. राज्य ओपन स्कूल, माध्यमिक शिक्षा मंडल, जीवाजी विश्वविद्यालय की बीएससी कम्प्यूटर साइंस, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी झांसी, आरजीपीवी, दिल्ली हाई स्कूल बोर्ड की थीं।
गुजरात, बिहार सहित अन्य राज्यों से जुड़े तार
एएसपी क्राइम दिलीप
सोनी ने बताया आरोपी 15-20 हजार रुपए में मनचाही मार्कशीट या डिग्री ऑर्डर पर उपलब्ध करा देते थे। इसके लिए वे कोरल ड्रा साफ्टवेयर का इस्तेमाल करते थे। उनके संपर्क उत्तरप्रदेश, बिहार, गुजरात सहित अन्य राज्यों के लोगों से हैं। वे उन्हें स्थानीय बोर्ड और यूनिवर्सिटी की पूरी जानकारी देने के साथ ग्राहक उपलब्ध कराते थे। पुलिस को उनसे जुड़े लोगों के नाम पता चले हैं। उनकी तलाश में टीम भेजी जाएगी। आरोपियों से पता चला है वे अब तक हजारों मार्कशीट बनाकर बेच चुके हैं।
मो. रफी के ड्राइवर रहे आफताब के पिता
एएसपी ने बताया गिरोह का सरगना दुबई में जन्मा आफताब है। उसके पिता गीतकार मोहम्मद रफी के ड्राइवर थे। आफताब यहां परिवार के साथ हाजी कॉलोनी, खजराना में रहता था। चार साल पहले यह फ्लैट किराए से लिया था। अथर और आफताब चचेरे भाई हैं। अथर 1994 से दुबई में रह रहा था। उसने वहां एयरकागरे सहित विभिन्न स्थानों पर काम किया था। उसके पास वहां की नागरिकता नहीं है बल्कि वीजा की अवधि बढ़ा-बढ़ाकर वहां रह रहा था। सात माह पहले बेरोजगार होने पर वह इंदौर आ गया था।
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