इंदौर. इंदौर सहित देशभर में रसोई गैस सब्सिडी की राशि उपभोक्ताओं को 1 जनवरी से सीधे बैंक खाते में मिलेगी। डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर योजना (डीबीटीएल) के तहत रसोई गैस कनेक्शन को बैंक खाते से लिंक करने के लिए गैस कंपनियों ने चार तरह के फॉर्म जारी किए हैं। फॉर्म 1 व 2 आधार कार्ड वालों के लिए हैं, जबकि 3 और 4 बिना आधार कार्ड वाले के लिए। यह सभी फॉर्म गैस एजेंसियों से फ्री में प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके अलावा गैस कंपनियों की वेबसाइट से भी डाउनलोड किए जा सकते हैं।
योजना के संबंध में बैंक, गैस डीलर व गैस कंपनियों द्वारा तेजी से काम करने और उनके समन्वय के लिए शुक्रवार को कलेक्टर आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट में बैठक भी हुई। इसमें निर्देश दिए गए कि कोशिश कर उपभोक्ताओं के घरों पर भी फॉर्म भिजवाए जाएं, ताकि वह बैंक खातों को गैस कनेक्शन के साथ जल्द लिंक कर सकें।
आधार कार्ड वालों के लिए दोनों फॉर्म जरूरी
फॉर्म 1 : इसे भरकर बैंक में देना है। इसमें 17 अंकों वाले एलपीजी आईडी व रसोई गैस कनेक्शन की जानकारी रहेगी।
फॉर्म 2 : यह गैस एजेंसी को देना है। इसमें बैंक खाता व अन्य जानकारी देना होगी।
बिना आधार कार्ड वाले इनमें से एक भर सकते हैं
फॉर्म 3 : इसके साथ एलपीजी आईडी की जानकारी के लिए कैश मेमो देना होगा।
फॉर्म 4 : इसके साथ ग्राहक बैंक पासबुक की फोटो कॉपी गैस एजेंसी को दें।
बिना आधार वालों के लिए फॉर्म 4 सबसे उपयुक्त
जिन ग्राहकों के पास आधार कार्ड नहीं है, उनके लिए फॉर्म 4 सबसे उपयुक्त है। कारण- अभी 29 बैंकों के पास ही इस योजना को लिंक करने का सॉफ्टवेयर है। वहीं, गैस एजेंसी के पास जो सॉफ्टवेयर है उसमें 55 बैंक लिंक हो गए हैं। ऐसे में ग्राहक बैंक पासबुक की कॉपी और अपने रसोई गैस कनेक्शन की जानकारी एजेंसी को फॉर्म 4 के साथ देता है तो एजेंसी सीधे बैंक खाते से लिंक कर देगी।
जो पहले जुड़ चुके हैं, उन्हें कुछ नहीं करना
यह योजना एक साल पहले भी लागू की गई थी। तब जिले में दो लाख ग्राहक इससे जुड़ गए थे। उन्हें इस योजना के लिए फिर फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। वह 1 जनवरी से स्वत: सक्रिय हो जाएंगे। जिले में आठ लाख रसोग गैस उपभोक्ता हैं।
समस्या होने पर यहां संपर्क कर सकते हैं
अपनी गैस एजेंसी
टोल फ्री नंबर 1800-2333-555।
बेवसाइट www.mylpg.in