इंदौर. इंदौर-महू ट्रेन बंद होने से दोनों शहरों के कई यात्रियों को परेशानी हुई तो कई को फायदा। उन लोगों को सबसे ज्यादा रहत मिली जो गाड़ी अड्डा, केशरबाग, राजेंद्र नगर और इसके आगे एबी रोड वाली रेलवे क्रॉसिंग से रोज गुजरते हैं। इस रूट पर रोज 30 बार रेल क्रॉसिंग के लिए गेट बंद होता था। जब गेट खुलता था तो 15- 20 मिनट तक वाहन गुत्थमगुत्था होते रहते थे।
केसरबाग क्रॉसिंग पर तो ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाना पड़ी थी। शुक्रवार को इंदौर-महू के बीच आखिरी ट्रेन चली। अब छह महीने तक इस रूट को ब्रॉडगेज में तब्दील करने का काम किया जाएगा।
बसों पर दारोमदार
इंदौर-महू आने-जाने वालों का सारा भार अब उपनगरीय बस, सिटी बस पर आ गया है। स्कूल, कॉलेज छात्रों के अलावा नौकरीपेशा भी इन्हीं साधनों पर निर्भर है। रेलवे मेगा ब्लॉक लागू कर दूसरे दिन ही इस ट्रैक पर काम शुरू कर दिया गया। सिंहस्थ से पहले इस रूट को शुरू करने का टारगेट है।
चारों जगह बनना है ब्रिज
गाड़ी अड्डा क्रॉसिंग पर पांच साल से ब्रिज बनाने की कवायद जारी है। कभी कॉन्ट्रेक्टर आगे नहीं आते तो कभी ब्रिज के लिए जगह मिलने में परेशानी आती है। पीडब्ल्यूडी अब डिजाइन बदलकर ब्रिज बनाने की योजना तैयार कर रहा है। इसके लिए जल्द टेंडर बुलाए जाएंगे। इस क्रॉसिंग पर 90 फीसदी लोड ट्रकों का रहता है।
- केशरबाग आरओबी की लेटलतीफी का खामियाजा यहां की क्रॉसिंग से गुजरने वालों को भुगतना पड़ रहा है। भंवरकुआं से राजेंद्र नगर, रिंग रोड को जोड़ने वाला यह ब्रिज पूरा हो जाए तो इस क्रॉसिंग का लोड बहुत कम हो जाएगा।
- राजेंद्र नगर आरओबी का काम भी अंतिम दौर में है। ब्रिज पूरा होने के बाद क्रॉसिंग समाप्त हो जाएगी।
- आईपीएस कॉलेज के सामने राजेंद्र नगर क्षेत्र की दूसरी रेल क्रॉसिंग पर भी भारी जाम लगता था। गेट जब खुलता था तो लगभग 20 मिनट तक जाम की हालत रहती थी। यहां भी आरओबी प्रस्तावित है।