इंदौर. पीएमटी फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसआईटी ने गिरोह के सरगना को एक दिन की रिमांड पर लेकर छात्र के सामने पूछताछ की। इसके बाद बिचौलिए का नाम पता चला। उसकी तलाश की जा रही है।
सीएसपी अजय जैन की एसआईटी ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने वाले छात्र रामवीर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने कबूला गोरखपुर के रहने वाले विंध्यवासिनी से उसने दो लाख रुपए में 2009 में अपने स्थान पर स्कोरर से परीक्षा दिलवाने की बात की थी। विंध्यवासिनी ने रामकुमार को स्कोरर बनाकर भेजा।
विंध्यवासिनी को भोपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इंदौर एसआईटी ने उसे वहां से रिमांड पर लेकर पूछताछ की लेकिन वह गोलमाल जवाब देकर चला गया। बाद में छात्र रामवीर को दोबारा रिमांड पर लिया और भोपाल से विंध्यवासिनी को रिमांड पर लाया गया।
उनसे बिचौलिए का नाम पूछा गया। पहले रामवीर ने भोपाल के कोहेफिजा थाने में बंद आरोपी का नाम बता दिया था। विंध्यवासिनी से पूछताछ में सीपी नामक युवक का नाम पता चला। उससे पूछताछ की जा रही है।