इंदौर. खान नदी को पुनर्जीवित करने के लिए केंद्र स्तर पर बन रहे प्रोजेक्ट में नदी को उज्जैन के पास डायवर्ट करने का भी काम होना है, इसके लिए सोमवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसके लिए प्रशासकीय मंजूरी देते हुए 90 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। वहीं, स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सोमवार को कमिश्नर संजय दुबे व कलेक्टर आकाश त्रिपाठी के साथ दो घंटे तक बंद कमरे में बैठक ली और इस काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
रेसीडेंसी कोठी पर हुई बैठक में स्पीकर महाजन ने बताया कि गंगा एक्शन प्रोजेक्ट के तहत अरबन रिवर मैनेजमेंट प्लान (यूआरएमपी) है। हमारी कोशिश है कि खान-सरस्वती नदी प्रोजेक्ट को इस प्लान के तहत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लिया जाए। इससे इस प्रोजेक्ट को गंगा सफाई के दौरान उदाहरण के तौर पर रखा जा सकेगा कि खान-सरस्वती नदी जैसे ही हम गंगा को साफ करेंगे।
ड्राफ्ट बन गया है, डीपीआर की तैयारी- बैठक में कमिश्नर ने स्पीकर को बताया आईआईटी प्रोफेसर के साथ मिलकर उन्होंने ड्राॅफ्ट बना लिया है। इस पर तय हुआ कि इसे केंद्रीय मंत्रालय को भेज दिया जाए और फिर डीपीआर के लिए राशि मांगी जाए। स्पीकर ने कलेक्टर से कहा कि वह खान नदी को लेकर एक सर्वे करा लें, जिससे पता चल सके कितने लोग इससे प्रभावित होंगे।
किसी को बेघर नहीं करेंगे
स्पीकर महाजन ने मीडिया से कहा कि इस प्रोजेक्ट से किसी को बेघर नहीं करने जा रहे हैं। सभी की बसाहट की योजना होगी। हम केवल इंदौर के लोगों को जागरूक करेंगे कि अभी तक नदी को हमने बिगाड़ा है और अब उसे स्वच्छ करना है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिए नगर निगम योजना बनाएगा कि किस तरह से गंदे पानी को इसमें मिलने से रोका जाए। इसके लिए अलग से बैठक होगी।