डेली कॉलेज की 132वीं एनुअल प्राइज़ गिविंग सेरेमनी के समापन समारोह में शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान खासतौर पर शामिल हुए। डेली कॉलेज के सभागार में विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने जो भी कहा, उसके अंश पढ़िए उन्हीं के शब्दों में -
इंदौर. जब मैंने कहा था कि मध्यप्रदेश को हम नंबर वन बनाएंगे तो लोग हंसते थे मुझ पर। एक पिछड़े राज्य को कैसे नंबर वन बनाएंगे। लोग मुझे सपनों का सौदाग़र कहकर हंसते थे... लेकिन बच्चों पिछले आठ सालों से एमपी का जीडीपी डबल डिजिट में है। हमेशा 10 से ऊपर। कहने का मतलब है कि असम्भव को भी सम्भव किया जा सकता है। तुम इरादा तो करो और एक बार इरादा कर लो तो फिर पीछे मत मुड़ो। अगर वह तड़प आप में है तो आप कर ही लेंगे और दुनिया के लिए मिसाल बन जाएंगे।
पहला सुख निरोगी काया
योग जब हम करते थे तो उसकी उतनी वैल्यू नहीं थी जो आज है। पश्चिम से हमारा योग जब योगा बनकर आया तो लोगों ने कहा यह तो सबसे बढ़िया है। हमारी संस्कृति में कहा गया है कि पहला सुख निरोगी काया का और स्वस्थ रहना यानी सिर्फ शरीर का स्वस्थ रहना नहीं, मन, आत्मा और बुद्धि का स्वस्थ रहना है। तो बच्चों खेलो-कूदो। योग करो और स्वस्थ रहो।
अहंकार हमें खत्म कर देगा, इससे बचो
शिकागो में हुई सर्वधर्म सभा में भारत से विवेकानंद गए थे। सब देश कह रहे थे हम श्रेष्ठ हैं। स्वामी जी ने कहा सब श्रेष्ठ हैं। कोई बड़ा छोटा नहीं है। भारत का उदार दृष्टिकोण आज से नहीं, बरसों से है। इसे अपने आचार-विचार में लाइए। अहंकार सब नष्ट कर देगा। इससे बचो। उदार बनो।
अपने लिए तो कीट पतंगे भी जीते हैं
बच्चो! तुम हमेशा उमंग और उत्साह से भरे रहो। नैराश्य को अपन पास फटकने भी मत दो। ऐसे बनो कि लोग आपसे मिलें तो उर्जान्वित होकर जाएं। दूसरों को उत्साह दें। ऊर्जा दें। खुद के लिए तो कीट पतंगे भी जीते हैं। हम उनसे अलग हैं तो जताएं भी। अनंत आकाश है। अपनी उड़ान भरो।