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बस की तेज रफ्तार ने होनहार छात्रा की ले ली जान, टक्कर से कई फीट दूर गिरी

7 वर्ष पहले
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इंदौर. बीआरटीएस की टूटी रैलिंग और बस की तेज रफ्तार ने होनहार छात्रा की जान ले ली। शनिवार सुबह नौलखा चौराहे के नजदीक टूटी रैलिंग से सड़क पार कर रही छात्रा बस की टक्कर से उछलकर कई फीट दूर जा गिरी।
एमवायएच में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे के वक्त मौके पर न तो ट्रैफिक पुलिस के जवान थे और न ही बीआरटीएस के वार्डन। लापरवाही के कारण हुई इस दुर्घटना की जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं है।
हादसे का शिकार प्रतिभा (23) पिता हुकुमचंद नामदेव हुई। वह बड़वानी की रहने वाली थी। सुबह 7.30 बजे वह होस्टल से पैदल कोचिंग जा रही थी, तभी हादसा हुआ। एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक प्रतिभा ने हाथ दिखाकर ड्राइवर को बस स्लो करने का इशारा किया था। लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी और टक्कर मारते हुए भाग गया।
प्रतिभा के पिता बड़वानी के एक स्कूल में शिक्षक हैं। उसके परिवार में प्रतिभा की तीन और बहनें हैं। प्रतिभा के साथ होस्टल में रहने वाली एक छात्रा ने बताया वह लेक्चरर बनने के लिए नेट की तैयारी कर रही थी। पढ़ने में होशियार थी।
बस थी, पर कौन सी यह पता नहीं चला

घटना की सूचना मिलने के करीब तीन घंटे बाद भंवरकुआं पुलिस एमवायएच पहुंची। पुलिस को कोई स्कूल बस बता रहा था, तो कोई उपनगरीय बस। पुलिस ने घटनास्थल के पास निर्माण इन्फ्रास्ट्रक्चर की बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरे देखे, लेकिन वह बंद थे।
कॉरिडोर में लापरवाही के गैप

- कॉरिडोर पर कई स्थानों पर रैलिंग में गैप है या टूटी हुई है। लोग यहां से सड़क पार करते समय हादसे का शिकार हो जाते हैं। ऐसे कई स्पॉट पर अब तक रैलिंग का सुधार कार्य नहीं हुआ है।
- यहां न तो ट्रैफिक पुलिस और न ही एआईसीटीएसएल की तरफ से नियुक्त कोई वार्डन तैनात रहते हैं।
- बीआरटीएस पर शुरुआत में 120 वार्डन तैनात थे। इनमें 60 वार्डन जंक्शन और 60 पैदल यात्रियों के लिए बने क्रॉसिंग पर तैनात रहते थे। कुछ माह पूर्व एआईसीटीएसएल ने अतिरिक्त खर्च का हवाला देकर 60 वार्डन कम कर दिए।

ट्रैफिक पुलिस नहीं लगाती जवान, 60 वार्डन भी हटाए
बीआरटीएस लेन की जिम्मेदारी बीआरटीएस एजेंसी के वार्डन की होती है। हमारे पास इतना बल नहीं है कि हम हर स्पॉट पर जवान तैनात कर सकें।
- अंजना तिवारी, एएसपी ट्रैफिक
हमने 60 वार्डन कम कर दिए हैं। जहां हादसा हुआ वह जंक्शन से काफी दूर है। जंक्शन पर दो वार्डन लगे थे। वे सुबह 7 बजे से ड्यूटी पर आते हैं।
- गिरीश शर्मा, नोबल सिक्युरिटी (बीआरटीएस ट्रैफिक सुरक्षा)
अब निगम संभाल रहा है काम : आईडीए
बीआरटीएस की टूटी रैलिंग के लिए आईडीए के चीफ इंजीनियर अच्युत भौरास्कर ने कहा कि पहले ये जिम्मेदारी आईडीए की थी, लेकिन अब रैलिंग की व्यवस्थाएं नगर निगम द्वारा संभाली जा रही हैं। निगम ही टूटी रैलिंग के काम देख रहा है।