इंदौर. कनाड़िया क्षेत्र में बने करुणासागर अपार्टमेंट में बिल्डरों ने खुलकर नियमों का उल्लंघन किया है। यहां अभी 6 ब्लॉक बने हैं, इनमें 20 हजार से 40 हजार वर्गफीट तक का अवैध निर्माण है।
एक दिन हुई कार्रवाई के बाद यहां जिन लोगों ने फ्लैट खरीदे हैं, वे कलेक्टर से लेकर क्षेत्रीय विधायक से गुरुवार को मिले वहीं कांट्रेक्टर कंपनी के कार्यालय पर भी हंगामा किया। निगम यहां कार्रवाई करना चाहता है, इस बीच कलेक्टर ने यहां फ्लैट के हिसाब से अलग-अलग नोटिस देकर कार्रवाई के लिए कहा है।
यहां से मिले लोगों की गुहार पर कलेक्टर ने निगम को यह जरूर कहा है कि 10 प्रतिशत तक अवैध निर्माण हो तो कंपाउंडिंग की जा सकती है। पूरे मामले में निगम में शामिल हुए 29 गांवों में अब यह जांच का विषय है कि ऐसे कितने प्रोजेक्ट में नियमों की अनदेखी हुई है। कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने जरूर विभागीय अमले से इस संबंध में जांच के लिए कहा है।
ऐसे मामलों की जांच
शहर सीमा में शामिल हुए इन गांवों में सरपंच, पंचायत सचिव, राजस्व अमला तो नगर निगम में पहले शामिल हुए इन गांवों में जिमेदारों ने निर्माण देखना भी ठीक नहीं समझा। अब कलेक्टर का कहना है लोगों से ऐसी धोखाधड़ी न हो, इसलिए सभी की जांच करवाएंगे। बिल्डरों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। रहवासी एफआईआर करवा चुके हैं।
कलेक्टर से की मांग, बिल्डरों पर लगे रासुका
करुणासागर अपार्टमेंट के सौ से अधिक रहवासी गुरुवार को कलेक्टर से मिलने पहुंचे। रहवासियों ने कहा कि बिल्डर द्वारा अवैध निर्माण कर फ्लैट बेचे जा चुके हैं, निगम की कार्रवाई से बेगुनाह रहवासियों का नुकसान हो रहा है। इस पर कलेक्टर ने साफ कर दिया कि अवैध निर्माण है तो कार्रवाई तो होगी, लेकिन साथ ही उन्होंने रहवासियों को राहत देते हुए नगर निगम को निर्देश दिए कि वह बिल्डर और जमीन मालिक को नोटिस देने की बजाए व्यक्तिगत फ्लैट मालिकों को नोटिस दे, जिससे उनके पक्ष को सुना जा सके।
साथ ही निगम को कहा कि यदि अवैध निर्माण दस फीसदी से कम है तो प्रावधान के तहत कंपाउंडिंग की जाए। रहवासियों ने धोखाधड़ी करने वाले बिल्डरों पर रासुका की मांग भी की है। इनका कहना था निगम अवैध कॉलोनाइजर पर कार्रवाई करता है तो बिल्डरों पर भी रासुका लगाई जाए।