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कोमल को न्याय दिलाने आगे आईं सहेलियां, पुलिस को दी अहम जानकारियां

7 वर्ष पहले
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(दुआओं का दौर जारी, हालत गंभीर)
इंदौर. मौत से संघर्ष कर रही कोमल गुप्ता को न्याय दिलाने के लिए उसकी सहेलियां बुधवार को खुलकर सामने आ गईं। ‘भास्कर’ की पहल पर कोमल की 12 सहेलियों ने कहा- हम आईजी को पूरी बात बताएंगे। भास्कर ने आईजी को कॉल किया। उन्होंने तुरंत एएसपी सिमाला प्रसाद को भेजा। प्रसाद ने उनसे देर तक बात की। कोमल के पति मनोज के बारे में कई चौंकाने वाली बातें बताई। ये बातें उन्हें कोमल ने बताई थी। इन महिलाओं ने जोर देकर कहा-पुलिस रिश्वत लेकर मामले को खत्म न करे। हम खुद को दांव पर लगाकर सामने आए हैं। इसकी रिपोर्ट वे गुरुवार को आईजी विपिन माहेश्वरी को सौपेंगी।
सहेली-1 : वह रिवॉल्वर पकड़ ही नहीं सकती थी
कोमल रिवॉल्वर पकड़ ही नहीं सकती थी। नाम की ही तरह कोमल थी। उसे प्रताड़ित करने वाले को छोड़ा तो बड़ा अन्याय होगा। वह तो पुलिस को पैसा खिला देंगे, अब आप लोगों पर सारा भरोसा है पैसे मत खाना। मनोज गुप्ता को पकड़ो, सख्ती से पूछो सब बताएगा। कोमल को न्याय दिलाना।

सहेली-2 : डिलीवरी के वक्त छोड़ दिया था अकेला
घटना के एक दिन पहले कोमल ने बताया था कि डिलीवरी हुई थी तो आठ दिन बाद ही सास चली गई थी, पति ने भी ध्यान नहीं दिया था। पति को तो जैसे मुझसे कोई मतलब ही नहीं है।

सहेली-3 : कामवाली बाई तक घबराती है
मुझे काम करने वाली बाई ने बताया- भाभी वह इतना खराब आदमी है कि हर औरत को ऊपर से नीचे तक देखता है। जब वह नहीं होता था तब मैं काम करने जाती थी।
सहेली-4 : वह डिप्रेशन में नहीं थी
इस बात पर भी भरोसा नहीं है कि उसने खुद को गोली मारी है। वह डिप्रेशन में कैसे हो सकती है? खुद प्राणायाम करती थी।
सहेली-5 : लिफाफे बन रहे हैं रिश्वत के
सास से भी सख्ती से बात करो। एक बात बताओ? भीतर से दरवाजा बंद था तो यह चाबी बनवाने के लिए कारीगर लाया। दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। बहुत गड़बड़ है। हमने सुना है ससुर रुपयों के लिफाफे बनाने की बात कर रहे थे।
सहेली-6 : बर्थ-डे के बाद उसे पीटा गया था
एक बार सहेलियों के साथ बर्थ-डे मनाने गई थी तो पति ने मारा था। लगता है उस दिन उससे कागज पर कुछ लिखवाया होगा।
सहेली- 7 : एक महीना मायके में रही कोमल
एक बार झगड़ा हुआ था तो कोमल मायके चली गई थी। एक महीने तक वह मायके में ही रही। बाद में मनोज गया। परिवार वालों को देर तक मनाता रहा और फिर उसे वापस लेकर आया।
सहेली-8 : एक दिन पहले ही कहा था- तिल्ली मंगवाना है
एक दिन पहले कहा था तिल्ली मंगवाना है। उसे कुछ बनाना होगा। अगर आत्महत्या का सोचा था तो ऐसा क्यों कहती?
सहेली-9 : ..फिर कह रही हैं पुलिस रिश्वत न लें..
हमारा आप से एक ही निवेदन है कि ऐसे अफसरों से इस मामले की जांच करवाएं जो रिश्वत न खाएं। अभी हम अपना नाम इसलिए नहीं बता रहे हैं कि हमारे घर वाले भी उनसे डरते हैं।
सहेली-9 : वह अन्नकूट करना चाहती थी, बच्चे भी डरे हुए हैं
वह खौफ के कारण अन्नकूट तक नहीं कर पा रही थी। बच्चे डरे हुए हैं। वह खुद कमाकर खा सकती थी। पेंटिंग कर सकती थी।
दोबारा होगा सीटी स्कैन
बांबे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कोमल अभी भी कोमा में है। लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर ही उन्हें रखा गया है। दिमाग के सूजन का पता लगाने के लिए संभवत: दो-तीन दिन में दोबारा सीटी स्कैन करवाया जाएगा।
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