इंदौर- गौतमपुरा-पेटलावद. लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने शुक्रवार को तीन स्थानों पर रिश्वत के मामले पकड़कर पांच कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की। सहकारिता विभाग इंदौर के एक कर्मचारी को 10 हजार रु. की रिश्वत लेते पकड़ा गया, दूसरा कर्मचारी लोकायुक्त टीम के सामने ही भाग गया। उसे भी आरोपी बनाया गया है।
दूसरा मामला गौतमपुरा का है, जहां बिजली कंपनी के इंजीनियर सहित दो लोगों को पांच हजार रुपए लेते पकड़ा गया। तीसरा मामला झाबुआ जिले के पेटलावद का है, जहां पटवारी दो हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया।
लोकायुक्त एसपी अरुण मिश्रा के मुताबिक श्रम शिविर स्थित उपायुक्त सहकारिता के जिन दो कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई वे हैं- उच्च श्रेणी इंद्रेश खिल्लारी एवं निम्न श्रेणी लिपिक इंदर डाबी। ये दोनों पंजीयन शाखा में पदस्थ हैं। पंचवटी नगर के दीपक भगवंत सिंह गुर्जर ने शिकायत की थी कि अथर्व सहकारी साख संस्था लोकनायक नगर के पंजीयन के लिए दो माह पहले आवेदन दिया गया था, किंतु पंजीयन नहीं किया जा रहा था।
इंद्रेश ने फरियादी से 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। 5 हजार रु. पहले दे दिए थे। शुक्रवार को 10 हजार रु. देने पहुंचा तो दोनों कर्मचारी बाहर आ गए। जब उसने इंद्रेश को रुपए दिए तो उसने कहा इंदर को दे दो। पैसे लेने के बाद इंद्रेश ने इंदर से ऑफिस के सामने स्थित श्रमिक नागरिक बैंक में जाकर नोट बदलवाने को कहा। इंदर जैसे ही बैंक में घुसा, वैसे ही लोकायुक्त डीएसपी दौलतसिंह के नेतृत्व में टीम ने उसे धर दबोचा। इंद्रेश वहां से भाग गया। लोकायुक्त ने दोनों पर कार्रवाई की है।
बिजली इंजीनियर ने ट्रांसफार्मर लगाने के लिए मांगी थी रिश्वत : देपालपुर तहसील के गौतमपुरा स्थित बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर (जेई) कैलाशचंद्र महाजन व कम्प्यूटर ऑपरेटर राहुल राठौर को पांच हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त डीएसपी बीएस परिहार व इंस्पेक्टर युवराजसिंह चौहान ने पकड़ा। गौतमपुरा संवाददाता के अनुसार ग्राम रलायता के किसान लालजी माली ने शिकायत की थी कि ट्रांसफार्मर लगाने के लिए महाजन ने 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। डीएसपी दौलतसिंह के मुताबिक जेई महाजन वर्ष 2002 में विजय नगर इंदौर जोन में पदस्थ था तब भी वह रिश्वत लेते पकड़ा गया था।
पेटलावद में पटवारी ने खसरा नकल के लिए मांगी थी रिश्वत : झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील के ग्राम कालीघाटी हल्का नंबर 23 के पटवारी सोमसिंह डामर दो हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया। पेटलावद संवाददाता के अनुसार ग्राम कास्याखाली निवासी रामा बाबू सोलंकी से खसरा नकल देने के लिए पटवारी ने ढाई हजार रुपए की मांग थी।
इसमें से पांच सौ रुपए पूर्व में ले चुका है। शेष दो हजार रुपए देने के लिए तय समयानुसार शुक्रवार को फरियादी पटवारी को पैसे देने पहुंचा। जैसे ही उसने रुपए दिए, लोकायुक्त पुलिस इंदौर के दो इंस्पेक्टर यूआर बामन व आशा शेजकर ने उसे रंगेहाथ धरदबोचा।