इंदौर. यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लाइफ साइंस विभाग के नौ छात्रों को शॉर्ट अटेंडेंस के नाम पर सोमवार से शुरू हुई कोर्स वर्क की परीक्षा से एक दिन पहले ही रोक दिया, जबकि यह छात्र अतिरिक्त कक्षाएं भी अटेंड कर चुके हैं। नाराज छात्रों ने प्रभारी कुलपति से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब छात्रों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने की बात कही है।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा के जरिये एडमिशन लेने वाले इन छात्रों को छह महीने का कोर्स वर्क कर उसकी परीक्षा में शामिल होना था। इसके बाद इन्हें गाइड अलॉट कर रिसर्च शुरू होती, लेकिन कोर्स वर्क में इनकी उपस्थिति 75 फीसदी से कम बताकर परीक्षा से वंचित कर दिया। इनमें से ज्यादातर छात्र दूसरे जिलों के हैं।
पहले क्यों नहीं बताया कम उपस्थिति के बारे में
छात्रों के अनुसार, विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश चांद ने पहले उन्हें कहा कि अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर दोनों विषय (कम्प्यूटर और रिसर्च मैथडोलॉजी) की उपस्थिति पूरी कीजिए। फिर परीक्षा से एक दिन पहले रविवार शाम नोटिस के जरिये कहा कि कम्प्यूटर में कम उपस्थिति है। इसलिए परीक्षा में नहीं बैठने देंगे। अगर उपस्थिति कम थी तो पहले क्यों नहीं बताया? अतिरिक्त कक्षाएं क्यों नहीं लगवाईं?
प्रभारी कुलपति से बोले एचओडी- नियम से चलता हूं
छात्रों की शिकायत पर प्रभारी कुलपति डॉ. अनिल कुमार ने विभागाध्यक्ष से बात की तो उन्होंने कहा कि मैं नियम से चलता हूं। उपस्थिति कम है। इसलिए इन विद्यार्थियों को रोका। इधर, छात्रों ने इस मामले में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने की बात कही है। प्रभारी कुलपति का कहना है कि पूरा मामला समझने के बाद ही कोई निर्णय लेंगे।
45 दिन लेना थी कक्षाएं, 25 दिन भी नहीं ली
इस पूरे मामले में विद्यार्थियों ने विभागाध्यक्ष को ही घेर दिया है। उनका कहना है कि यूजीसी के नियम के तहत तो 45 दिन की कक्षाएं जरूरी हैं, लेकिन हमारे यहां 25 दिन की कक्षाएं लेकर औसत उपस्थिति दर्शा दी गई। इसकी शिकायत विद्यार्थी मंगलवार को जनसुनवाई में करेंगे। इससे पहले भी लैंग्वेज विभाग में ऐसा ही मामला सामने आया था और तीन विद्यार्थी पढ़ाई छोड़कर चले गए थे।