विद्वानों के मुताबिक देवी के 52 शक्तिपीठ में से मां चामुंडा, तुलजा दरबार को एक शक्तिपीठ के तौर पर माना जाता है। हालांकि, ऐसा बताया जाता है कि देश के अन्य शक्तिपीठों पर माता के अवयव गिरे थे। लेकिन, यहां टेकरी पर माता का रुधिर गिरा था। इस कारण मां चामुंडा का प्राकट्य यहां हुआ। चामुंडा को सात माताओं में माना जाता है। तुलजा भवानी की स्थापना मराठी राज परिवारों ने करवाई थी। मराठी राजाओं की यह कुलदेवी मानी जाती हैं। यह दोनों माताएं सगी बहनें हैं। महाराज विक्रमादित्य के भाई भर्तहरि यहां तपस्या कर चुके हैं। उन्हें दो हजार से साल से ज्यादा हो गए हैं। ऐसे में मंदिर की प्राचीनता का कोई प्रमाण नहीं है। मंदिर अनादि काल से है।
ये दस रूट बनाए
भोपाल चौराहा से टाटा चौराहा, रसलपुर तक, अभिनव टॉकीज से इटावा, मोती बंगला से विजयनगर व्हाया अलकापुरी, लोहारी, भोलेनाथ मंदिर से लेबर कॉलोनी, व्हाया बालगढ़, चूना खदान, चामुंडा कॉम्प्लेक्स से शिप्रा, अभिनव टॉकीज से सिंगावदा, अभिनव टॉकीज से नौसराबाद, रेलवे क्रॉसिंग, किर्लोस्कर, नाहर दरवाजा से राजोदा, बालोदा, भोपाल तिराहे से सिया, व्हाया बिलावली, भोपाल चौराहे से भौंरासा, व्हाया खटाम्बा, जामगोद। इन रूटों पर 100 अिधक मैजिक वाहन उपलब्ध रहेंगे।
दिन में दो बार होगी पानी की जांच
जल संसाधन विभाग द्वारा रोजाना दिन में दो बार पानी के सेंपल लिए जाएंगे। एसडीओ एचके जैन दल सहित टेकरी पहुंचे। परिसर में लगी सभी पानी की टंकियों की जांच की। जैन ने बताया जांच में जीवाणु रहित रिपोर्ट आई है। नवरात्र भर रोजाना दिन में दो बार पानी की जांच की जाएगी। वॉटर कूलर रखवाए गए हैं। फव्वारा चालू करवा दिया गया है। एबी रोड पर लगे नेताओं के होर्डिंग्स हटा दिए गए हैं। इनकी जगह मां चामुंडा और तुलजा भवानी के बोर्ड लगाए गए हैं।
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