इंदौर. नगर निगम ने बुधवार को शहर के दो अलग-अलग स्थानों पर बड़ी कार्रवाई की। मूसाखेड़ी में रिमूवल विभाग ने 100 से ज्यादा अतिक्रमण हटाए। इसमें मकान, झोपड़े, शेड सहित अन्य निर्माण थे। दूसरी कार्रवाई इन्वेस्टर्स समिट के चलते एमआर-10 पर हुई।
यहां निगम ने 20 से ज्यादा गुमटियां तो सीधे बुलडोजर से तोड़ दीं, वहीं 40 से ज्यादा हटाईं। खजूरी बाजार में जरूर निगम को अवैध इमारत तोड़ना था, लेकिन दबाव के चलते सुबह और दोपहर में गया अमला खाली हाथ लौट आया।
एमआर-10 : दोबारा न लगे, इसलिए तोड़ ही दी
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों के चलते मार्केट विभाग ने एमआर-10 पर बड़ी कार्रवाई की। बार-बार लगने वाली गुमटियां दोबारा न लगें, इसलिए 20 से ज्यादा गुमटियां तोड़ दी गईं। ग्रीन बेल्ट व सरकारी जमीन पर से अतिक्रमण हटाने के साथ ही चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा से सुखलिया तक हुए अवैध निर्माण इस दौरान हटाए गए। उपायुक्त एम.पी.एस. अरोरा के मुताबिक समिट स्थल के आसपास यह कार्रवाई अगले एक माह तक जारी रहेगी।
मूसाखेड़ी : इन्फॉर्मल सेक्टर की जमीन पर थे कब्जे
निगम ने सुबह मूसाखेड़ी से लगे यादव नगर में इन्फॉर्मल सेक्टर की जमीन पर हुए 100 से ज्यादा अतिक्रमण हटाए। एसडीएम सपना जैन, उपायुक्त महेंद्रसिंह चौहान के साथ 50 से ज्यादा पुलिस जवानों की मौजूदगी में यहां कार्रवाई हुई। सुबह 11 बजे पहुंचे अमले को पहले एक घंटे तो लोगों का विरोध झेलना पड़ा। पुलिस बल होने से विवाद टल गया। दोपहर 2 बजे तक यह कार्रवाई चली। सभी निर्माण हटा दिए गए।
खजूरी बाजार : चार हथौड़े मारकर लौट आया अमला
खजूरी बाजार में अवैध रूप से बना मकान तोड़ने भी अमला पहुंचा, लेकिन कार्रवाई नहीं कर पाया। सुबह अमला सिर्फ मौका देखकर लौट आया तो दोपहर में उपायुक्त भी पहुंचे। यहां बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल की छत तक डल गई थी। निगम अफसरों की मानें तो इसका नक्शा पास नहीं है। कोर्ट से स्टे आने की बात के बीच अफसर और मालिक उलझते रहे।
बाद में कार्रवाई किए बिना ही अमला लौट आया।