(गरीब बच्चों को मार्शल आर्ट सिखाती दुष्कर्म पीड़िता।)
खंडवा. पहले दुष्कर्म फिर घर वालों के तिरस्कार के बाद फुटपाथ पर अवसाद में जी रही मार्शलआर्ट में ब्लैक बेल्ट नेशनल चैंपियन फिर उठ खड़ी हुई है। 4 दिसंबर को भास्कर में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद समाजसेवी संस्था ने उसे सहारा दिया। उसे हिम्मत बंधाई। अब यह खिलाड़ी यहां के अनाथ और मजबूर बच्चों को कराते की ट्रेनिंग दे रही है। उसका कहना है अब घर नहीं जाएगी। यहीं रहकर नेशनल चैम्पियनशिप की फिर तैयारी करेगी।
पीड़िता को ढूंढते रहे विभाग, सामाजिक संस्थाएं : खबर प्रकाशित होने के बाद सामाजिक संस्थाएं, महिला सशक्तीकरण विभाग, खेल एवं युवक कल्याण विभाग ने भी युवती की तलाश की। सामाजिक संस्था आस्था वेलफेयर सोयायटी अध्यक्ष सुहाषिनी शुक्ला और टीम ने उसे हरसूद में ढूंढ निकाला। युवती ने इच्छा जाहिर की, यदि उसे भोजन और रहने को जगह मिल जाए तो वह अनाथ और मजबूर युवतियों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दे सकती है। इसके बाद संस्था अध्यक्ष युवती को अपने साथ खंडवा ले आई। अब वह मजबूर युवतियों के लिए ढाल बन गई है। हरसूद रोड के बाल सखा में पीड़ित युवती सुबह-शाम बच्चों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दे रही है।
22 वर्षीय पीड़िता ने बताया खंडवा कोर्ट में पेशी पर उपस्थित होने के लिए उसके पास एक रुपए नहीं था। हरसूद में अपनी जान पहचान वालों से पांच-पांच रुपए मांगकर 40 रुपए एकत्र किए और बस से खंडवा आई। यहां दिनभर भूखी रही। कोर्ट में एक व्यक्ति ने 50 रुपए दिए।
यह है मामला : मूलरूप से हरसूद की रहने वाली इस खिलाड़ी के साथ उसके ही शिष्य ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। घटना उजागर होते ही घर वालों ने भी निकाल दिया। युवती ने आरोपी को खिलाफ केस दर्ज किया। वह फुटपाथ पर जीने को मजबूर हो गई थी।
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