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नवरात्रि पर्व के लिए छोटे गरबा आयोजनों की अनुमति थाना प्रभारी देंगे

7 वर्ष पहले
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इंदौर. 25 सितंबर से शुरू हो रहे नवरात्रि पर्व के लिए गरबा-डांडिया के आयोजन की मंजूरी देने के संबंध में जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी कर दी है। संबंधित क्षेत्र के एसडीएम व सीएसपी को इनकी व्यवस्थाएं देखने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि सभी आयोजनों के लिए मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। छोटे आयोजनों में थाना प्रभारी को अनुमति का आवेदन देना ही पर्याप्त होगा।
यदि थाना प्रभारी को कोई विपरीत स्थित लगती है तो वह आयोजक को सूचित कर देंगे। बड़े स्तर के आयोजनों की अनुमति एसडीएम द्वारा संबंधित सीएसपी से अभिमत लेकर दी जाएगी। स्वागत मंचों की मंजूरी संबंधित थाना क्षेत्र के सीएसपी देंगे। कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने सभी एसडीएम और सीएसपी को अपने क्षेत्र में होने वाले आयोजनों से पहले आयोजकों के साथ बैठक कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।
आयोजकों को यह व्यवस्था करना होगी
> आयोजन में प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं, प्रवेश करने वालों को रिकॉर्ड रखें।
> भाग लेने वाले युवक-युवतियों के फोटोयुक्त आईडी जारी करें।
> आयोजक पार्किंग व्यवस्था करें और 15 वालेंटियर्स या निजी सुरक्षाकर्मी रखें, जो यातायात पुलिस के साथ सहयोग करेंगे।
> आयोजक 10 से 15 वालेंटियर्स थाना प्रभारी को उपलब्ध कराएं। इनका उपयोग विशेष पुलिस अधिकारी बनाकर सुरक्षा व्यवस्था में किया जाएगा।
> फायर फाइटिंग की व्यवस्था हो और वालेंटियर्स उन यंत्रों को चलाना जानते हों।
> बिजली के खुले तार नहीं हो, अश्लील प्रदर्शन नहीं करें। विद्युत कंपनी से अस्थायी कनेक्शन प्राप्त करें और ध्वनि यंत्र धीमे चलाएं।
प्रतिमाओं की फिर जांच शुरू, दो गोदाम सील
प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी गणेश प्रतिमाओं पर रोक लगाने के बाद अब दुर्गा प्रतिमाओं को लेकर भी प्रशासन और नगर निगम ने सख्ती दिखाई है। गणेश प्रतिमा निर्माण के समय लिए गए शपथ पत्र और बन चुकी मूर्तियों को छोड़कर बाद में बनी मूर्तियों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। भागीरथपुरा और परदेशीपुरा में दो गोदाम सील कर पंचनामा बनाया गया। जिले में इन मूर्तियों को न बेचने का शपथ-पत्र भी लिया गया।
दरअसल, ग्रीन ट्रिब्यूनल और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती के बाद भास्कर ने इस मसले को प्रमुखता से उठाया था। इस पर कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने सभी मूर्तिकारों को मिट्टी की प्रतिमाएं बनाने का कहा था। धारा-144 भी इस संबंध में लागू कर दी गई थी। गणेश प्रतिमा विसर्जन के बाद निगम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में इसके लिए सर्वे करवाया था। तब दशहरा मैदान, कनाड़िया रोड सहित कुछ स्थानों पर पीओपी से प्रतिमा बनाने का काम बंद मिला, लेकिन मिल क्षेत्र में जरूर यह काम जारी मिला।
इसी आधार पर शनिवार को तहसीलदार राजकुमार हलधर, निगम उपायुक्त एम.पी.एस. अरोरा परदेशीपुरा स्थित जैन धर्मशाला पहुंचे तो श्याम लूनिया तीन मंजिला बिल्डिंग में बड़े पैमाने पर मूर्तियां बना रहा था। पूरे परिसर की वीडियोग्राफी करवाकर प्रशासन ने इसे सील कर दिया। यहां 700 से ज्यादा मूर्तियां मिली।
(बंगाली चौराहे पर मूर्तियों को अंतिम रूप देता कलाकार)