इंदौर. हीरानगर थाना क्षेत्र की भाग्यलक्ष्मी कॉलोनी में रहने वाले केबल ऑपरेटर प्रकाश उज्जैनी के 12 वर्षीय बेटे प्रथम के डर का फायदा उठाकर मोहल्ले के ही दो भाइयों ने एक लाख रुपए वसूल लिए। इसका पता तब चला जब बच्चा स्कूल में रुपयों के साथ पकड़ा गया। डर के कारण वह भाग गया। 24 घंटे तक मां-पिता उसकी तलाश में दर-दर भटकते रहे। वह मिला तो बहुत डरा और सहमा था। गुरुवार दोपहर 11.30 बजे पुलिस ने दोनों भाइयों को फिर थाने बुलाकर पूछताछ शुरू की।
हीरानगर पुलिस के मुताबिक प्रथम को दोस्तों के साथ समोसा, पेस्ट्री, कोल्डड्रिंक की पार्टी की आदत थी। एक बार उसे मोहल्ले में रहने वाले दो भाई रितेश और आकाश दायमा ने रुपए खर्च करते हुए देख लिया। उन्होंने उसे धमकाया और बोला हमें भी रुपए दे नहीं तो तेरे पिता से तेरी झूठी शिकायत कर देंगे। तेरी बहुत पिटाई होगी। प्रथम को धमकाने के लिए भाइयों ने छोटू दादा नामक काल्पनिक पहलवान की कहानी बताई और बोला उससे पिटवाएंगे। प्रथम पिता से बहुत डरता था। उसने धीरे-धीरे घर से रुपए निकालना शुरू कर दिया और 10-15 बार में घर से करीब एक लाख रुपए निकाल लिए। यह राशि परिजन ने प्लॉट के लिए जमा की थी और अलमारी के लॉकर में रखी थी। प्रथम के पास डुप्लीकेट चाबी भी मिली।
सातवीं कक्षा का बच्चा प्रथम। 12 साल का। पिता से बेहद डरने वाला। मोहल्ले (भाग्य लक्ष्मी कॉलोनी, हीरानगर) में रहने वाले दो युवकों ने उसके इस डर को भांपकर उसे धमकाना शुरू किया- 'रुपए दे नहीं तो तेरे पिता को झूठी शिकायत कर देंगे। छोटू दादा (एक काल्पनिक पहलवान) से तेरी पिटाई करवाएंगे।'
प्रथम क्या करता? घर से रुपए चुराकर उन युवकों को देने लगा। तीन महीने में आंकड़ा पहुंचा एक लाख रुपए तक। मामला तब सामने आया जब प्रथम स्कूल में 6100 रुपयों के साथ पकड़ा गया। यह रुपए भी वह उन युवकों को देने के लिए घर से चुराकर लाया था। चोरी पकड़ी गई तो फिर डर गया। 24 घंटे बाद घर लौटा और तब से लगातार गुमसुम है।
यह अकेले प्रथम की दास्तां नहीं है। ऐसे कई बच्चे हैं जिन्हें उनकी ही कालोनी/मोहल्ले/या स्कूल के लोग डराते-धमकाते हैं, पैसे ऐंठते हैं या गलत सलूक करते हैं। पुलिस भी मानती है कि ऐसी शिकायतें आती रहती हैं। बात सामने इसलिए नहीं आती कि पालक खुद कार्रवाई नहीं चाहते। समझौता कर लेते हैं। प्रथम के परिजन भी कार्रवाई नहीं चाहते।
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