इंदौर. शहर में सफाई व्यवस्था की मॉनीटरिंग प्रशासन के हाथों में होने के बावजूद सिस्टम नहीं सुधर पा रहा है। सफाई से जुड़ी शिकायतें सुनने के लिए बुधवार से टोल फ्री नंबर की व्यवस्था शुरू होने वाली थी लेकिन लापरवाही का आलम यह था कि निगम के कंट्रोल रूम में टोल फ्री नंबर के उपकरण की व्यवस्था ही नहीं हो पाई।
इसके लिए निगम अफसर कचरा उठाने वाली कंपनी एटूजेड को जिम्मेदार ठहराते रहे, वहीं कंपनी ने तकनीकी बाधा का हवाला दे रही है। दूसरी ओर अपने क्षेत्र की शिकायत दर्ज कराने के लिए लोग दिनभर परेशान होते रहे।
मोबाइल फोन आया तो कर्मचारी ने कहा - थोड़ी देर रुकिए निगम में एटूजेड के कंट्रोल रूम पर दोपहर 2 बजे चंद लोग बैठकर बात कर रहे थे। टेबल पर उस वक्त न तो टोल फ्री नंबर वाला इंस्टूमेंट था न ही कोई जिम्मेदार। इसी बीच एक कर्मचारी के मोबाइल पर कॉल आया तो कर्मचारी ने जवाब दिया थोड़ी देर रुकिए मैं व्यस्था करवाता हूं। वहां बैठे इंचार्ज मदन लोधी ने कहा दोपहर 12 बजे से व्यवस्था शुरू होना थी, लेकिन टोल फ्री नंबर की सिम तो जारी हो गई है, पर इंस्टूमेंट नहीं आया।
उन्होंने बताया मदन ने कहा कंपनी का जो मोबाइल नंबर है उस पर जो शिकायतें आई है, उसका निराकरण करवा रहे हैं। संभवत टोल फ्री नंबर की व्यवस्था गुरुवार से शुरू होगी। बुधवार को मोबाइल पर सुबह 10.20 से शाम तक 22 शिकायतें आई, जिसमें सबसे ज्यादा वार्ड क्रमांक 2० की थी। कचरा उठाने वाली गाड़ी खराब होने से दूसरी गाड़ी भेजकर कचरा उठवाया गया। वहीं दूसरे क्षेत्रों भी कचरा पेटी से कचरा नहीं उठने की शिकायतें आई थी।
अभी इन नंबर पर करें कॉल
गुरुवार को निगम और एटूजेड की टोल फ्री नंबर 1800-4200-100-10 पर शिकायत कर कचरा संबंधी शिकायत की व्यवस्था शुरू हो सकती है। फिलहाल आप स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम नंबर- 2434482 या मधुसूदन उंडे के नंबर 98934-93133 या कंपनी कर्मचारी के नंबर 83700-06048 पर शिकायत कर सकते हैं।
परेशान लोग बोले- दिनभर लगाते रहे फोन
निगम का टोल फ्री नंबर शाम तक प्रयास करने के बाद भी शुरू नहीं हुआ। बंगाली चौराहे के पास सर्विस रोड से निकलना मुश्किल हो गया है।
-डॉ. ओ.पी. गोयल, रहवासी
हल निगम के बस में नहीं
निगम कितने भी प्रयास करे, कचरे की समस्या का हल अब उसके बस की बात नहीं है। शिकायत कर-कर के थक चुके हंै। हमें राहत नहीं मिल रही है।
-गिरीश खंडेलवाल, गोयल नगर
जिम्मेदारों के जवाब- जिम्मेदारी कंपनी की
कंपनी को व्यवस्था शुरू करने का कहा था। आज शाम तक हम व्यवस्था शुरू करवा देंगे।
-एस.के. कथूरिया, अपर आयुक्त, स्वास्थ्य
तकनीकी परेशानी थी
तकनीकी खामी से सुविधा शुरू नहीं हो पाई। शुक्रवार शाम शुरू करने की कोशिश करेंगे।
-विकास ओझा, अधिकारी, एटूजेड