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अब चुनाव की जानकारी एसएमएस से, पहले सदस्यों को नहीं थी जानकारी

6 वर्ष पहले
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इंदौर. सहकारी संस्थाओं से जुड़े लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें उनकी संस्थाओं के चुनाव व अन्य गतिविधियों की जानकारी मोबाइल पर एसएमएस से मिल सकेगी। यह उनके लिए अत्यंत उपयोगी इसलिए सिद्ध होगा क्योंकि प्राय: संस्थाओं के चुनाव कागज पर हो जाते हैं और बाद में सदस्यों को पता चलता है। राज्य सहकारिता निर्वाचन प्राधिकारी प्रभात पाराशर ने यह शुरुआत इंदौर से की है। बाद में इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना बनाई जाएगी।
इस तरह की शिकायतें आम हैं कि सहकारी संस्थाओं, खासकर गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के चुनाव कार्यक्रम की जानकारी सदस्यों तक पहुंचाए बगैर चुनाव हो जाते हैं। इस कारण सदस्य चुनाव कार्यक्रम में भाग नहीं ले पाते।
चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी हों इसलिए राज्य सहकारिता निर्वाचन प्राधिकारी ने आदेश जारी किया कि सभी संस्थाएं अपने सदस्यों के मोबाइल नंबर सदस्यता सूची में शामिल करें। जब भी संस्थाओं के चुनाव हों तो सभी सदस्यों को चुनाव की जानकारी समय-समय पर मोबाइल पर एसएमएस के जरिए दी जाए।
इसलिए यह आदेश लागू
गत दिसंबर में इंदौर की पांच गृह निर्माण व एक सहकारी संस्था के पांच सालाना चुनाव हो गए, किंतु सदस्यों को पता तक नहीं चला। सदस्यों को यह भी पता नहीं चला कि चुनाव कार्यक्रम कब घोषित हुआ, कब नामांकन पत्र दाखिल हुए, कब नाम वापस लिए गए और मतदान कब हो गया।
सदस्यों की शिकायत पर राज्य निर्वाचन प्राधिकारी ने इन संस्थाओं के चुनाव निरस्त कर दोबारा चुनाव कार्यक्रम घोषित किया, दोबारा निर्वाचन अधिकारी नियुक्त हुए। इन संस्थाओं के चुनाव दोबारा हो गए, लेकिन तब भी सदस्यों को पता नहीं चला। इस कारण न तो सदस्य चुनाव लड़ सके, न मतदान कर सके। इससे स्पष्ट है कि चुनाव कागज पर हो जाते हैं, इसलिए राज्य सहकारिता निर्वाचन प्राधिकारी पाराशर ने उक्त आदेश जारी किए।
जमीन घोटालों पर भी रोक लगेगी
निर्वाचन प्राधिकारी पाराशर ने ‘भास्कर’ से कहा- इंदौर में जमीन की जादूगरी बहुत होती है। भू-माफिया गृह निर्माण संस्था में अपने लोगों को बैठाने के लिए कागज पर चुनाव करवा लेते हैं। इस आदेश से इस तरह की जादूगरी थम सकेगी। इंदौर में तीन हजार सहकारी संस्थाएं हैं, जिनमें से साढ़े नौ सौ गृह निर्माण संस्थाएं हैं।
जमीन घोटालों पर भी रोक लगेगी
निर्वाचन प्राधिकारी पाराशर ने ‘भास्कर’ से कहा- इंदौर में जमीन की जादूगरी बहुत होती है। भू-माफिया गृह निर्माण संस्था में अपने लोगों को बैठाने के लिए कागज पर चुनाव करवा लेते हैं। इस आदेश से इस तरह की जादूगरी थम सकेगी। इंदौर में तीन हजार सहकारी संस्थाएं हैं, जिनमें से साढ़े नौ सौ गृह निर्माण संस्थाएं हैं।