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डाउनलोड करेंइंदौर. मप्र हाई कोर्ट की जबलपुर मुख्य बेंच ने सरकार को आदेश दिया है कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग पर्वत के अतिक्रमण तीन महीने में हटाए। सरकार द्वारा पवित्र नगरी घोषित किए गए इस क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण गंदगी फैल रही है। अवैध कार्य भी हो रहे हैं।
याचिकाकर्ता विजय खंडेलवाल ने पुरातत्व विभाग और जिला प्रशासन को वहां से अतिक्रमण हटवाने के लिए कई बार आवेदन दिए। दोनों ने उन पर गौर नहीं किया। बाद में खंडेलवाल ने सभी शिकायती दस्तावेज लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। उनके वकील आकाश शर्मा के मुताबिक कोर्ट को दस्तावेज और फोटो के साथ बताया गया कि पर्वत पर अतिक्रमण से किस तरह नुकसान हो रहा है। पर्वत पर स्थित मंदिरों को सरकार ने संग्रहित क्षेत्र भी घोषित किया है। जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस केके लाहोटी की बेंच ने फैसला दिया कि अतिक्रमण करने वालों के ही खर्च पर क्षेत्र को मुक्त कराया जाए।
होटल, स्विमिंग पूल भी बना लिए
टेकरी के पवित्र क्षेत्र में रसूखदारों ने स्विमिंग पूल, फार्म हाउस, रेस्टारेंट, बंगले, गेस्ट हाउस, दुकान, मचान सहित कई प्रकार के निर्माण कर लिए हैं। 30 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में लोगों ने अवैध निर्माण किया है। पर्वत पर इतना निर्माण होने से ड्रेनेज की सही निकासी नहीं हो रही है। कचरा-कूड़ा फैलने और धूम्रपान होने से क्षेत्र लगातार प्रदूषित हो रहा है।
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