इंदौर. स्कूल से आते-जाते समय छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले लगातार हो रहे हैं। फिर भी पुलिस इस संबंध में कोई प्रयास नहीं कर सकी। पुलिस की महिला अपराध सेल ने 42 कॉलेजों में समिति बना दी है। अफसरों का कहना है स्कूलों में समिति बनाने में कानूनी अड़चन आ रही है, इसका विकल्प ढूंढा जा रहा है।
केस-1 महाराणा प्रताप नगर स्थित अहिल्या आश्रम स्कूल की छात्राओं ने 15 अगस्त को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से छेड़छाड़ की शिकायत की थी। छात्राओं ने बताया था कि रास्ते से आते-जाते समय लड़के परेशान करते हैं। गाड़ियों पर बैठाने की कोशिश करते हैं। मंत्री ने टीआई को वहां बुलवाया और मनचलों की परेड निकालने के लिए कहा। पुलिस ने सख्ती कर पेट्रोलिंग शुरू की, लेकिन कोई हाथ नहीं आया।
केस-2 संविद नगर की रहने वाली 10वीं की छात्रा दो महीने से छेड़छाड़ करने वाले से परेशान थी। उसने सहेलियों को बताया और परिजन को भी सूचना दी। परिवार पुलिस के पास भी गया, लेकिन सुनवाई समय पर नहीं हुई।
नतीजा यह निकला कि आरोपी कि हिम्मत इतनी बढ़ गई कि उसने घर में रात 1.30 बजे घुसने की शिकायत की और घर में आग लगा दी। पुलिस इसके बाद हरकत में आई। छात्रा ने स्कूल की शिक्षिकाओं को भी बताया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
कॉलेजों में बना दी छात्र रक्षा समिति
छह महीने पहले आईजी विपिन माहेश्वरी और डीआईजी राकेश गुप्ता ने ओल्ड जीडीसी कॉलेज में छात्राओं से बात की थी। तब तय हुआ था कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए हर स्कूल-कॉलेज में समिति बनाई जाएगी, ताकि पुलिस लगातार संपर्क में रहे और कार्रवाई प्रभावी हो। समिति का नोडल अधिकारी डीएसपी महिला अपराध नीरज अमृतफले को बनाया गया। डीएसपी ने बताया 42 बड़े कॉलेजों में समिति बना दी गई है।
स्कूली बच्चों को कैसे लें समिति में?
डीएसपी ने बताया स्कूल में समिति बनाने में सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि छात्र-छात्राएं 18 साल से कम के होते हैं। नाबालिगों को कानूनी रूप से किसी समिति में शामिल नहीं किया जा सकता। आईजी ने भी इसकी पुष्टि की और बताया इसके लिए विकल्प तलाशा जा रहा है।
शिक्षकों की समिति से छात्र-छात्राओं को एतराज
स्कूलों में पुलिस शिक्षकों को लेकर समिति बना सकती है, लेकिन छात्र-छात्राओं को इससे एतराज है। छात्राओं ने बताया शिक्षकों को वे जब भी छेड़छाड़ की शिकायत करती हैं, तो वे स्कूल की बदनामी के डर से कोई एक्शन नहीं लेते। उलटा छात्राओं को ही समझाइश दी जाती है।