इंदौर. नकली पुलिस ने साल में 12 वारदातें की। इनमें से एक का भी खुलासा नहीं हो सका। पुलिस गिरोह के बारे में सुराग तक नहीं लगा पाई। अब आईजी ने नए सिरे से जांच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंपी है।
नकली पुलिस बनकर बदमाशों ने नौ महीनों में नौ थाना क्षेत्रों में वारदातें की। कई वारदातें एक ही दिन में दो अलग-अलग स्थानों पर हुई। पुलिस घेराबंदी ही करती रही और बदमाश आसानी से निकल भागे। ज्यादातर वारदातों में बदमाशों का हुलिया लगभग एक जैसा है। किसी वारदात में दो तो किसी में चार बदमाश होना पता चला।
क्राइम ब्रांच थाना बनने के बाद अब इन सभी वारदातों की जांच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। सभी वारदातों के साथ पुरानी वारदातों और पूर्व में पकड़े गए बदमाशों की फाइल बनाई जा रही है। देशभर में सक्रिय रहने वाले ईरानी गिरोह व नकली पुलिस में लिप्त आरोपियों का डाटाबेस भी तैयार किया जा रहा है। होशंगाबाद, भोपाल, मुंबई व महाराष्ट्र के गिरोह की जानकारी भी निकाली जा रही है।
कब कहां वारदात
थाना दिनांक
मल्हारगंज 3 जनवरी
पलासिया 30 जनवरी
एमआईजी 30 जनवरी
भंवरकुआं 31 जनवरी
तुकोगंज 9 फरवरी
पलासिया 9 फरवरी
भंवरकुआं 24 मार्च
अन्नपूर्णा 25 मार्च
अन्नपूर्णा 25 मार्च
जूनी इंदौर 26 मार्च
जूनी इंदौर 1 सितंबर