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आईपीएस नरेंद्र कुमार हत्याकांड के आरोपी को 12 साल की कैद

9 वर्ष पहले
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इंदौर। आईपीएस अफसर नरेंद्रकुमार हत्याकांड के आरोपी मनोज गुर्जर को इंदौर की सीबीआई अदालत ने दो अलग-अलग धाराओं में 12 वर्ष की सजा सुनाई। मुरैना जिले के बानमोर कस्बे में एसडीओपी के रूप में पदस्थ नरेंद्रकुमार की मौत 8 मार्च 2012 को मुरैना में उस वक्त हो गई थी जब वे अवैध खनन कर ले जा रही ट्रैक्टर ट्राली को पकड़ने का प्रयास कर रहे थे। चालक द्वारा ट्रैक्टर नहीं रोकने पर वे पकड़ने के लिए ट्रैक्टर पर चढ़ गए थे। बाद में गिरकर ट्रैक्टर व ट्राली के पहिये से कुचलने से मौत हो गई थी। धुलैंडी के दिन खेली गई इस खून की होली से देशभर में खास कर मप्र में सनसनी फैल गई थी।
गुरुवार को सीबीआई जज अनुपम श्रीवास्तव ने फैसला सुनाया। आरोपी मनोज केशव गुर्जर (26) को गैर इरादतन हत्या की धारा 304 भाग दो 1860 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए अर्थ दंड एवं अर्थ दंड न भरने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शासकीय कार्य में बाधा डालने की धारा 353 के तहत दो वर्ष के कारावास व एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा दी है।
अर्थदंड नहीं भरने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतना होगी। अदालत ने फैसले में लिखा कि पहले 10 वर्ष की सजा पूरी होने के बाद दो साल की सजा शुरू होगी। इस तरह आरोपी को 12 साल की सजा भुगतनी होगी। घटना का फैसला 11 माह 13 दिन में हो गया। इस दौरान मृतक के पिता केशव देव एवं भतीजे राजकुमार के अलावा पुलिस अफसर, कर्मी सहित 19 गवाहों के कथन हुए। घटना के बाद से आरोपी मनोज इंदौर की जेल में है लेकिन कोर्ट ने उसे मुरैना जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
आरोपी को रियायत नहीं दी जा सकती
अदालत में आरोपी ने कहा कि यह उसका पहला अपराध है। कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है। दुर्घटनावश यह घटना हुई है। कोर्ट ने कहा परिस्थितियां और अपराध की प्रकृति देखते हुए आरोपी को सजा में रियायत नहीं दी जा सकती।
यह था घटनाक्रम
8 मार्च 12 को एसडीओपी नरेंद्रकुमार बानमोर में होली के इंतजाम के लिए वाहन चालक ऋषभ करारे, कांस्टेबल चंद्रपालसिंह, राजकुमार व रतन के साथ दोपहर में निकले थे।
भिंड रोड पर पेट्रोल पंप के पास उन्होंने एक ट्रैक्टर ट्राली को बानमोर की तरफ निकलते हुए देखा।
उन्हें शंका हुई कि यह अवैध खनन कर ले जा रहा है। उन्होंने रोकने का प्रयास किया तो चालक ने ट्रैक्टर वेयर हाउस रोड पर मोड़ दिया।
नरेंद्रकुमार ट्रैक्टर पर चढ़ गए। चालक ने उन्हें झटका दिया, लात मारी। वह गिर गए, पहिए उन पर चढ़ गए।
चालक मनोज भागने लगा जिसे कांस्टेबल रतन व राजकुमार ने
धर दबोचा।
कोर्ट ने नहीं माने नरेंद्र के पिता के तर्क
सीबीआई अदालत के ट्रायल के दौरान नरेंद्रकुमार के पिता केशव देव ने अदालत में दो आवेदन दिए थे। एक में कहा था कि आरोपी के खिलाफ धारा 304 के बजाए धारा 302 के तहत प्रकरण चलाया जाए। दूसरा यह कि घटना में तत्कालीन मंत्री रुस्तमसिंह का भी हाथ है, अत: उनके खिलाफ भी जांच की जाए। अदालत ने दोनों आवेदन खारिज कर दिए। इधर केशव देव ने कहा है कि सही मायनों में हमें हिसाब नहीं मिला। फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दूंगा।