पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंइंदौर. पीएफ (भविष्यनिधि) संगठन ने गुरुवार को चोइथराम समूह के 16 संस्थानों पर एक साथ छापे मारे। छह टीमों ने सुबह 11 बजे से शाम तक कार्रवाई की। एक हजार से ज्यादा कर्मचारियों को पीएफ का लाभ नहीं मिलने का खुलासा हुआ।
विभाग ने चोइथराम समूह के हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, कॉलेज ऑफ नर्सिंग, इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ साइंस, इंटरनेशनल स्कूल, इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग, हायर सेकंडरी स्कूल, नेत्रालय, तीरथबाई कलाचंद स्कूल, चोइथराम डिस्पेंसरी ट्रस्ट आदि संस्थानों पर कार्रवाई की। यहां से कई दस्तावेज जब्त किए। संस्थान के जिम्मेदार अधिकारियों को रिकॉर्ड के साथ 29 जनवरी को पीएफ कमिश्नर-2 गजाला अली खान के सामने पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
43 अफसरों ने दी दबिश- कार्रवाई में पांच सहायक भविष्यनिधि आयुक्त, 10 एरिया इंस्पेक्टर सहित 43 अधिकारी शामिल थे। छह अलग-अलग टीमों की कमान सहायक भविष्यनिधि आयुक्त एस.आर. भौंसले, एस.बी. मुगल, मंगल चौधरी, दिशा हुमने और ए. कुमार के हाथ में थी। अफसरों ने संस्थानों के हाजिरी और वेतन रजिस्टर, बैलेंस शीट, ऑडिटेड रिपोर्ट आदि कब्जे में लेकर कर्मचारियों से भी जानकारी ली।
सबको मिले पीएफ का लाभ
बड़े संस्थानों के नियोक्ता अपनी जवाबदेही से बचते हैं और ठेका श्रमिकों को पीएफ का लाभ नहीं मिलता है। यह कानूनन गलत है। विभाग का लक्ष्य है कि सभी कामगारों को पीएफ का लाभ मिलना चाहिए।
अजय मेहरा, कमिश्नर-1, पीएफ (मप्र)
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.