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निवाली से न्यूयॉर्क तक मौसम बर्फीला, इंदौर समेत कई जगहों पर जोरदार बारिश

8 वर्ष पहले
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कहीं मावठा, कहीं ओले, कहीं बर्फबारी तो कहीं ठंडी हवा... निवाली (सेंधवा) से न्यूयॉर्क (अमेरिका) तक मौसम की कहानी एक जैसी है। अंचल में चक्रवाती हवा के कारण, कश्मीर में हिमपात की वजह से तो अमेरिका में तूफान जेनस के चलते मौसम बर्फीला बना हुआ है। अंचल में लगातार दूसरे दिन सूर्य नहीं निकला, बादल जमकर बरसे।

इंदौर. इंदौर, भोपाल, ग्वालियर सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बुधवार को भी लगातार दूसरे दिन मावठा गिरा। इंदौर में शाम से देर रात तक रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही। इससे पहले दिनभर आसमान में भी काले बादल छाए रहे। पारा और गिर गया। महू में रात दस बजे तेज बारिश हुई। देवास के देवगढ़ में ओले गिरे। सोनकच्छ और टोंकखुर्द में जोरदार बारिश हुई।

पेटलावद, थांदला व मेघनगर में एक-एक इंच बारिश।
धार, झाबुआ, आलीराजपुर में मावठे से फसलों को नुकसान।
धार जिले के अमझेरा में टमाटर की फसल बांस-बल्ली सहित उखड़ गई।
बड़वानी में तेज हवा से फसलें
आड़ी हो गई।
खंडवा में शाम को 40 मिनट तेज बारिश हुई।
उज्जैन, रतलाम, नीमच, मंदसौर
में भी बारिश हुई।
ग्वालियर में बारिश ने 65 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

शहर के कई इलाकों में पानी भरा, बिजली आती-जाती रही

शहर के गीताभवन, नवरतनबाग रोड, छावनी, नवलखा सहित कई इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी भी उठाना पड़ी। अन्नपूर्णा, कलेक्टोरेट के आसपास, छावनी, नौलखा, मूसाखेड़ी, गीताभवन, गुमाश्तानगर, एरोड्रम रोड, सुखलिया सहित कई इलाकों में बिजली आती-जाती रही।

फसलों पर यह होगा प्रभाव
जानकारों के अनुसार बालियों वाली गेहूं की फसलों के आड़ी होने से उत्पादन प्रभावित होगा। दाने खाली व छोटे रह जाएंगे।
: चने के फूल खिर जाने से अच्छे दाम की उम्मीद लगाकर बैठे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। : फसल सडऩे का भी डर। : मौसम खुलने के बाद फसलों को काली मसी बीमारी लगने की आशंका।

ऐसा मौसम क्यों?

मौसम वैज्ञानिक एसके डे ने बताया कि राजस्थान, गुजरात के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। दोनों राज्यों की ओर से प्रदेश में नमी आ रही है। इस वजह से बादल बन रहे हैं और बारिश हो रही है।


आगे क्या- ओलावृष्टि संभव
गुरुवार को इंदौर, उज्जैन, भोपाल, होशंगाबाद, ग्वालियर संभागों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है।