इंदौर. होलकर स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी ग्रुप-ए के अहम मुकाबले में शानदार शुरुआत के बाद भी मध्यप्रदेश के नॉकआउट में पहुंचने के सपने मैच के आखिरी दिन चकनाचूर हो गए। टेस्ट क्रिकेटर बंगाली बाबू रिद्धिमान साहा (92 रन) और सौराशिष लाहिड़ी (48*) ने संकटमोचक पारी खेल मप्र को सीधी जीत से रोक दिया।
मध्यप्रदेश को क्वार्टर फाइनल का टिकट पाने के लिए इस मैच में सीधी जीत की दरकार थी लेकिन दोनों बल्लेबाज दीवार बनकर खड़े हो गए। मेजबान टीम से 295 रनों से पिछड़ने के बाद फालोऑन खेल रहे बंगाल ने दूसरी पारी में 8 विकेट पर 303 रन बनाए और मैच ड्रॉ कर दिया। इस ड्रॉ से मप्र अंतिम आठ में पहुंचने से भी चूक गया।
53 ओवर खेले साहा-लाहिड़ी : लंच के बाद 58 ओवर का खेल बचा था और मप्र को जीत के लिए महज 4 विकेट झटकने थे। जलज सक्सेना ने अमित बनर्जी (7) को पगबाधा कर बंगाल को सातवां झटका दिया। अब जीत के लिए सिर्फ 3 विकेट और 56 ओवर का खेल शेष था। क्रीज पर रिद्धिमान साहा के साथ सौराशिष लाहिड़ी थे। दोनों ने मप्र की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
उन्होंने आठवें विकेट के लिए साझेदारी तो 90 रनों की ही की लेकिन इस दौरान उन्होंने 53.5 ओवर तक मप्र को कोई विकेट हासिल नहीं करने दिया। साहा 4 घंटे 14 मिनट क्रीज पर रहे।
उन्होंने 227 गेंदों का सामना किया और आउट भी तब हुए जब 3 ओवर का खेल शेष था। बाद का काम सौराशिष के साथ वीर प्रताप सिंह (0) ने पूरा कर मैच ड्रॉ करा लिया। सौराशिष भी 3 घंटे 49 मिनट क्रीज पर रहे। 181 गेंदों का सामना किया और नाबाद लौटे।
पहले 2 विकेट जल्दी निकल जाने से दबाव था। मुझे बस खेलना था। मैं प्रैक्टिस की तरह बल्लेबाजी कर रहा था। बंगाल को रेलिगेशन से बचने के लिए एक अंक की जरूरत थी। इसलिए हमारा फोकस उस पर था। जहां तक वर्ल्ड कप की बात है तो ईशांत के बाहर होने से फर्क पड़ेगा। लेकिन मोहित भी अच्छे खिलाड़ी हैं।
-रिद्धिमान साहा, मैच ड्रॉ कराने के बाद