इंदौर. शहर में लाइट मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार है। वर्ष 2021 तक दो चरणों में चार रूट पर 190 लाइट मेट्रो चलाने की प्लानिंग है। राज्य सरकार ने भी इंदौर-भोपाल में इस प्रोजेक्ट का काम अगले साल जुलाई में शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को होने वाली राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इसके फंड के लिए कंपनी बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगेगी।
> 85 किमी कुल लंबाई
> 23000 करोड़ कुल लागत
> जमीन पर 12 किमी लंबाई
> 220 करोड़ रु. प्रति किमी खर्च
सुपर कॉरिडोर के इस हिस्से के अलावा एमआर-10 में भी कुछ ट्रैक जमीन पर होगा।
एयरपोर्ट- एलिवेटेड (पिलर पर)
63 किमी लंबाई
100 करोड़ रु. प्रति किमी खर्च
कैसे आएंगे पैसे
20-20% केंद्र और राज्य सरकार देगी।
60% लोन से। हालांकि सरकार पीपीपी मोड पर भी विचार कर रही है
प्रोजेक्ट पर टैक्स
4000 करोड़ रु.। इसमें कस्टम ड्यूटी, वर्क्स टैक्स व अन्य कर शामिल। केंद्र सरकार यदि इस पर राहत देती है तो कुल लागत से यह राशि सीधे कम हो जाएगी।
कब चलेगी पहली मेट्रो
पहला फेस
2018 वर्ष 50 % प्रोजेक्ट। 40 स्टेशन बन जाएंगे।
अंतिम फेस
2021 वर्ष प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य
एक मेट्रो की क्षमता
975 यात्री 3 बोगी की एक ट्रेन, एक बोगी में 325 यात्री
> पहले फेज में 45 हजार यात्री करेंगे सफर।
लाइट मेट्रो के लिए ही टीओडी पॉलिसी जरूरी होगी, जो शहर के मास्टर प्लान में जल्द जुड़ेगी। मेट्रो के सारे रूट मास्टर प्लान में शामिल होंगे। जहां से मेट्रो गुजरेगी, वहां एफएआर भी अलग होगा। एफएआर बढ़ाकर उसे बेचने का प्रावधान भी डीपीआर में प्रस्तावित है।
स्टेशन के बीच दूरी
800 मीटर (शहर के बीच कम तो बाहर एक से डेढ़ किमी)।
80 स्टेशन 5 स्टेशन इंटरलिंक होंगे। इसलिए 75 ही बनाने होंगे।
05 डिपो पहले एक मेजर और एक माइनर डिपो की जरूरत होगी।
मेजर के लिए 40 एकड़ और माइनर के लिए 19 हजार वर्ग मीटर जमीन चाहिए।
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