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डाउनलोड करेंइंदौर। सिमरोल घाट पर गुरुवार दोपहर हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। जिस युवक की मौत हुई, वह जीजा की मौत के बाद आठ साल से बहन के घर रहकर उनका आसरा बना हुआ था।
घटना के बाद एंबुलेंस-108 दोनों को एमवाय लेकर आई। डॉक्टरों ने जांच के बाद एक को मृत घोषित कर दिया। हादसे में मारा गया युवक नरेंद्र पिता प्रभुलाल गोयल (28) मूल निवासी बसई, मंदसौर तथा घायल पिंटू पिता बंसीलाल मोरी (25) निवासी गांधीनगर है। नरेंद्र के भाई राहुल ने बताया बुधवार दोपहर 12 बजे दोनों ओंकारेश्वर जाने के लिए इंदौर से निकले थे। वापसी में हादसा हो गया।
आठ साल से बहन के परिवार को संभाल रहा था
रिश्तेदार रामसुख गोयल ने बताया नरेंद्र के जीजा मदनलाल गोयल का 2005 में ह्रदयाघात से देहांत हो गया था। बहन बबली व उनके दोनों छोटे बच्चे अभिषेक व सोनाली की देखरेख के लिए नरेंद्र बहन के यहां रह रहा था। वह जीजा की हेयर सेलून की दुकान चलाता था।
मनचाहे रुपए नहीं मिले तो लाश निर्वस्त्र छोड़ दी
परिजनों ने शाम को एमवाय अस्पताल में नरेंद्र का पीएम कराया। शव नहीं मिलने पर उन्होंने हंगामा कर दिया। उनका आरोप है स्वच्छक ने लाश देने के लिए रुपए मांगे थे। उन्होंने तीन लोगों को 250 रुपए दिए, लेकिन 100 रु. और मांग रहे थे। देने से मना किया तो लाश को निर्वस्त्र छोड़ कर्मचारी चलते बने। परिवार ने शव कंबल में लपेटा और ले गए।
अगली स्लाइड में देखिए कैसे पत्नी को जिन्दा जलाया और कैसे बहन का घर का आसरा बना भाई भी छिना
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