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डाउनलोड करेंइंदौर. एक बदमाश ने दिनदहाड़े रिटायर्ड डीआईजी को लूटने की कोशिश की। 63 वर्षीय डीआईजी ने बदमाश को पकड़ना चाहा तो उसने अंगुली तोड़ दी। इसके बाद उन्होंने बायें हाथ से बदमाश की इतनी पिटाई की कि लोग बचाने के लिए आ गए। मौका पाकर बदमाश भाग गया। विजयनगर पुलिस ने लूट की धारा लगाने की बजाए मामूली मारपीट का केस दर्ज दिया।
घटना इंदौर फायर ब्रिगेड व नारकोटिक्स में डीआईजी रहे आर.एल. बोरना के साथ गुरुवार दोपहर ढाई बजे स्कीम-54 स्थित पॉवर हाउस के सामने हुई। उन्होंने बताया कि मैं 60 प्लस वेलफेयर एसोसिएशन में सदस्यता लेने गया था। पॉवर हाउस के पास गाड़ी पार्क की। सड़क किनारे खड़े होकर मैं गाय को रोटी दे रहा था, तभी बाइक वाला मेरी ओर आया। मैंने कूदकर खुद को बचाया, लेकिन मोबाइल गिर गया। बाइक सवार ने रुककर मोबाइल उठा लिया। मैंने उसे कहा मोबाइल दो बेटा, तो गाली देकर कहने लगा मोबाइल मेरा हो गया।
10 फीट दौड़ लगाई और गिरा दिया
वह बाइक स्टार्ट कर भागने लगा। मैंने उसकी गाड़ी पकड़ी और करीब १क् फीट तक दौड़ते हुए रोकने की कोशिश की। नहीं रुका तो बाइक गिरा दी। उसने मेरे दाएं हाथ की छोटी अंगुली मोड़ दी। मैंने बाएं हाथ से ही उसे पीटना शुरू किया तो उसने पैंट गीली कर दी। लोग जमा हुए तो वह बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगा। मैंने लोगों को कहानी बताई। इस बीच वह भाग गया।
धारा 100 से 102 में सभी को अधिकार
उन्होंने कहा संविधान में हर नागरिक को अपनी रक्षा का अधिकार है। सीआरपीसी की धारा 100 से 102 तक इसे वर्णित किया गया है। इसके तहत कोई भी नागरिक आत्मरक्षा में वार करने के लिए स्वतंत्र है।
मारपीट की धारा लगाई
पुलिस ने मामले में मारपीट की धारा लगा दी, जबकि लूट के प्रयास की धारा लगाई जाना थी। प्रभारी थाना इंचार्ज एसएस रघुवंशी ने बताया लूट का मामला नहीं था। बाइक वाला मोबाइल उठा रहा था, इस पर मामूली झगड़ा हो गया।
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