पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

एसडीएम ने दिए बहू-बेटे को आदेश- मां को दोनों टाइम भोजन दें

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इंदौर. बहू बेटे ने वृद्धा को परेशान किया तो एसडीएम को आदेश देना पड़ा- मां को सुबह-शाम नियमित भोजन दें। कमरा दें। उन्हें घर से नहीं निकालें। यदि ऐसा किया तो तीन साल की सजा होगी। एसडीएम कोर्ट ने बहू-बेटे से यह भी कहा कि वे मां को हर माह गुजारा भत्ते के लिए 500 रुपए दें।
मामला द्वारकापुरी निवासी 85 वर्षीय शांतिबाई तंवर का है। शांतिबाई ने 6 सितंबर को जिला प्रशासन द्वारा लगाए शिविर में शिकायत की थी, जिस पर एसडीएम रजनीश कसेरा ने नोटिस जारी किया था।
इस पर हुई सुनवाई में बहू-बेटे को मां का ध्यान रखने के आदेश दिए। कोर्ट ने 50 से अधिक अन्य बहू-बेटों को भी ऐसी शिकायतों पर नोटिस जारी किए थे, जिसमें से 25 उपस्थित नहीं हुए। इनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया। सुनवाई अगले गुरुवार को होगी। तब भी नहीं आए तो गैर जमानती वारंट जारी कर गिरफ्तारी की जाएगी।
पीड़ित बुजुर्ग यहां कर सकते हैं शिकायत
परिजनों से परेशान ऐसे बुजुर्ग जिन्हें भोजन नहीं दिया जा रहा या गुजारा भत्ता नहीं मिल रहा या घर से निकाला जा रहा वे कलेक्टोरेट में एसडीएम रजनीश कसेरा के यहां लिखित शिकायत कर सकते हैं। एसडीएम संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर कोर्ट में बुलाएंगे और भरण पोषण एक्ट के तहत अभिभावकों का ध्यान रखने के आदेश देंगे।