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कलेक्टोरेट में एसडीएम का चपरासी रिश्वत लेते पकड़ाया, रीडर भी आरोपी

7 वर्ष पहले
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इंदौर. कलेक्टोरेट में सोमवार को लोकायुक्त पुलिस ने एसडीएम डी.के. नागेंद्र के कार्यालय के चपरासी को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा। एक विवादित प्लॉट के प्रकरण का फैसला फरियादी के पक्ष में कराने के लिए एसडीएम के रीडर ललित जोशी ने पैसे लेने चपरासी महेश वर्मा को भेजा था।
इसलिए रीडर को भी आरोपी बनाकर उसके पास से संबंधित प्रकरण की फाइल जब्त की गई। चपरासी अस्थाई कर्मचारी था, जिसे कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने सोमवार शाम को हटा दिया। आरोपी रीडर पर भी मंगलवार को कार्रवाई होगी।
लोकायुक्त एसपी अरुण मिश्रा के मुताबिक शिक्षक नगर स्थित एक प्लॉट पर पंकज ओझा व कमलकिशोर सोलंकी अपना-अपना हक जता रहे हैं। विवाद थाना एरोड्रम पहुंचने पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 145 का प्रकरण पेश किया, जो एसडीएम नागेंद्र की कोर्ट में चल रहा है।
रीडर ने पंकज के भाई संदीप से उसके पक्ष में फैसला कराने के लिए 50 हजार रुपए मांगे थे और इस बारे में किसी भी तरह की चर्चा के लिए चपरासी वर्मा से बात करने को कहा था। इतने पैसे नहीं दे पाने पर चपरासी ने कहा था- आधे ही दे दो।
जब फरियादी ने कहा कि आधे भी नहीं दे पाएगा, तब उसने कहा था- जितने का इंतजाम हो जाए, उतने ही लेकर आ जाना। तय समय के अनुसार सोमवार सुबह 11 बजे लोकायुक्त टीम संदीप के साथ कलेक्टोरेट जा रही थी, तब रास्ते में चपरासी वर्मा का फोन आया। संदीप ने कहा कि वह कलेक्टोरेट पहुंच रहा है, कहां मिलें।
चपरासी ने कहा- कलेक्टोरेट के गेट पर चाय की दुकान के पास आकर फोन कर देना, वह नीचे आ जाएगा। कलेक्टोरेट के गेट पर पहुंचकर फोन करने पर वह आ गया। संदीप ने चपरासी को जैसे ही पांच हजार रुपए दिए, लोकायुक्त पुलिस के दो डीएसपी दौलतसिंह व बीएस परिहार के नेतृत्व में टीम ने रंगेहाथों उसे धर दबोचा।

भीड़ ऊपर तक साथ गई

चपरासी वर्मा पकड़े जाने के बाद घबरा गया और बोला, मेरा कोई दोष नहीं है। मुझे रीडर ने पैसे लेने भेजा था। तब लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। बाद में लोकायुक्त टीम उसे एसडीएम के दूसरे माले स्थित कार्यालय पर ले गए। वहां रीडर नहीं दिखाई दिए। फोन किया तो वह लोकायुक्त अफसरों के पास आ गया। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों को भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा कर दिया। संबंधित प्रकरण की फाइल भी जब्त कर ली।
-मामला गंभीर है। रीडर ललित जोशी की फाइल भी मंगाई गई है। एक-दो दिन में उन्हें भी सस्पेंड किया जाएगा।
आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर