खंडवा। साढ़े तीन साल पहले एटीएस जवान सीताराम यादव की गोली मारकर हत्या करने के मामले में सिमी से जुड़े एक आरोपी अबू फैजल (मुंबई) ने अपराध कबूल कर लिया। इस हत्याकांड से जुड़े आरोपियों की गुरुवार को न्यायाधीश रमेश मावी की कोर्ट में पेशी हुई। यहां उन पर लगे आरोप पढ़कर सुनाए गए।
इसी दौरान आरोपी अबू ने जेल से चोरी-छिपे लिखो बयान कोर्ट में प्रस्तुत करते हुए कहा- मैं अबू फैजल अल्लाह का बंदा यह स्वीकार करता हूं कि मुझे अदालत पर विश्वास नहीं है और सीताराम को मैंने अकेले गोली मारी है और उसे जहन्नुम पहुंचाया। मैंने सीताराम को गोली इसलिए मारी क्योंकि वह रिमांड के दौरान हमें जबरन परेशान करता था। जय-जय सियाराम के नारे लगवाता था।
उसने कहा- मैं हिंदुस्तान में रहता हूं लेकिन यहां के कानून को नहीं मानता। आरोपी की इस हरकत और लिखित बयान से वकील भी अचंभित हो गए।
यह है मामला : एटीएस जवान सीताराम यादव की २८ नवंबर 2009 को खंडवा के तीन पुलिया के पास गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस दिन ईद-उल-जुहा (बकरीद) थी। आरोपियों ने भागते समय अधिवक्ता संजय पाल, बैंक प्रबंधक रविशंकर पारे पर भी हमला कर उनकी हत्या कर दी थी। मामले में 7 आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज है।
इसमें असलम, अबु फैजल, जाकीर, मेहबूब, एजाजुद्दीन, मेहताब, जसपाल शामिल हैं। गुरुवार को मामले के 5 आरोपी कोर्ट में पेश हुए। एक आरोपी जसपाल को पिस्टल बेचे जाने के आरोप से न्यायालय ने बरी कर दिया। आरोपी असलम जबलपुर से पेशी पर नहीं आया, इसलिए उस पर आरोप तय नहीं हुए।